चंडीगढ़ में जॉब करने वाली युवती से होटल में दुष्कर्म करने वाले सचिन बंसल को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दुराचारी को दस हजार रुपये जुर्माना भी किया गया। जुर्माना नहीं भरने पर एक महीना अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने शुक्रवार दोपहर को सचिन बंसल को दोषी करार देकर सजा का फैसला शनिवार तक सुरक्षित रखा था। न्यायालय का परिसर में सुबह से ही लोगों में इस बहुचर्चित रेप कांड को लेकर चर्चा होती रही। शहर से काफी लोग अदालत का फैसला सुनने के लिए अदालत के बाहर खड़े रहे। दोपहर बाद न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने ए ब्लॉक निवासी सचिन बंसल की सजा का ऐलान किया। अदालत ने रेप पीड़िता को जान से मारने की धमकी देने के मामले में छह महीने की कैद व छह हजार रुपये अर्थ दंड लगाया है।
ये है मामला
अभियोजन के अनुसार सिरसा निवासी एक युवती ने नौ अक्टूबर 2014 को शहर थाने में पहुंचकर महिला अधिवक्ता समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2008 में वह और ए ब्लॉक निवासी सचिन बंसल एक साथ ट्यूशन पढ़ते थे। 2010 को उसकी चंडीगढ़ स्थित निजी कंपनी में जॉब लग गई। 2012 में सचिन बंसल का उसके पास फोन आया इसके बाद चंडीगढ़ में दोनों के बीच मुलाकात शुरू हो गई। एक दिन सिरसा से सचिन का उसके मोबाइल पर कॉल आई और उसने उसे सिरसा बुलाया। वह सिरसा पहुंची तो सचिन उसे एक होटल में ले गया। जहां उसने शादी का वादा करके उसके साथ यौन संबंध बनाए।
पीड़िता का कहना है कि वह सचिन के साथ अपनी नई दुनिया की शुरुआत को लेकर काफी खुश थी। सचिन उसे कभी दिल्ली व चंडीगढ़ घुमाने ले जाता और जल्द शादी करने का वादा करके संबंध बनाता और गर्भनिरोध गोली देता। वर्ष 2014 को उसकी मां सचिन के घर दोनों की शादी को लेकर बातचीत करने गई लेकिन सचिन ने शादी से इनकार कर दिया। शादी का झांसा देकर सचिन ने उसकी अस्मत लूटी।