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पांच लाख पाउंड के इनाम के लालच में 10 लाख रुपये गंवाए

Fri, 11 Mar 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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फ्रॉड - फोटो : Bureau
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पांच लाख पौंड की लॉटरी निकलने का झांसा देकर ठगों ने सिरसा के एक कारोबारी से दस लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित कारोबारी ने इस संबंध में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
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कारोबारी पलविंद्र सिंह पांच लाख पौंड यानी चार करोड़ 80 लाख रुपये के लालच में इतना अंधा हो गया कि उसे इतना भी ध्यान नहीं रहा कि जब कोई लॉटरी खरीदी ही नहीं तो निकली कैसे। लाखों की चपत लगने के बाद से पीड़ित कारोबारी की तबियत खराब है।

सिरसा के कीर्तिनगर निवासी पलविंद्र सिंह के मोबाइल नंबर पर दो मार्च को एक एसएमएम व ईमेल आई। संदेश में लिखा था कि आपको पांच लाख पौंड की लॉटरी निकली है। इसके अलावा बड़े ब्रांड की टीशर्ट व मोबाइल फोन भी जीते हैं। इसके बाद उसके मोबाइल फोन पर कॉल आई, फोन करने वाले ने स्वयं का नाम विजय शर्मा बताया।
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उसने कहा कि वह आरबीआई का अधिकारी है और दिल्ली में कार्यरत है। उसने पलविंद्र सिंह को कहा कि बधाई हो आपने पांच लाख पौंड जीते हैं, भारतीय करेंसी में आपको चार करोड़ 80 लाख रुपये मिलेंगे। कुछ देर बाद पलविंद्र सिंह के मोबाइल पर फिर से कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि कस्टम ऑफिस से राठौर बोल रहा हूं।

लॉटरी में जीती राशी का टैक्स भरकर पांच लाख पौंड हासिल कर लें। कस्टम अधिकारी ने पलविंद्र सिंह को अकाउंट नंबर देकर 10 लाख, 21 हजार 948 रुपये टैक्स के रूप में जमा करवाने के लिए कहा। करोड़ों की लॉटरी लगने की खुशी में कारोबारी पलविंद्र सिंह झूम उठा। उसने सात मार्च को डबवाली रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक से उक्त अकाउंट नंबर में 10 लाख, 21 हजार 948 रुपये जमा करवा दिए।

आठ मार्च को पलविंद्र सिंह के पास फिर से कथित आरबीआई अधिकारी विजय शर्मा का फोन आया। उसने कहा कि टैक्स की रकम कम है, 13 लाख रुपये और जमा करवाने होंगे। यह सुनकर कारोबारी हैरान रह गया, उसे अहसास हो गया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने कीर्तिनगर चौकी में अपनी शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। मोबाइल पर फोन करने वाला इतना शातिर था कि उसने अपनी बातों से कारोबारी को विश्वास में ले लिया। ठग को जब लगा कि कारोबारी उस पर पूरा भरोसा कर रहा है तो उसने उसे एक बैंक एकाउंट नंबर दिया और करोड़ों कमाने के चक्कर में कारोबारी लाखों जमा करवा दिए।

झांसे में न आए जनता
पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता का कहना है कि देशभर में कई ठग गिरोह सक्रिय हैं। ये गिरोह लोगों को कभी लॉटरी निकलने, कभी टॉवर लगाने या बैंक अधिकारी बनकर एटीएम कोड पूछकर अपना शिकार बनाते हैं। जनता को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए। इस प्रकार की कोई भी कॉल आती है तो उसकी सूचना पुलिस को दें।
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