धोखाधड़ी का शिकार एक गरीब परिवार पिछले 17 दिनों से सिटी थाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन पुलिस पीड़ित परिवार की शिकायत दर्ज नहीं कर रही है। हां पुलिस यह जरूर कर रही है कि चक्कर काटने से कोई फायदा नहीं एक लाख में मामला सेटल करवा देेंगे हैं। इस मामले को लेकर जब पीड़ित डीएसपी हेड क्वार्टर विजय कक्कड़ के पास गया तो उन्होंने सिटी थाने को कार्रवाई करने का निर्देश दिया, लेकिन उसे भी अनसुना कर दिया। शहर पुलिस की कार्यप्रणाली से हताश होकर पीड़ित ने आईजी ओपी सिंह को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
सिरसा के इंद्रपुरी मोहल्ले निवासी सोमनाथ पीड़ित ने बताया कि मैं पिछले दो साल से कैंसर पीड़ित हूं। मेरी इच्छा थी कि मैं इस संसार को छोड़ने से पहले अपने पुत्र के सिर पर सेहरा देख लूं। बीमार पिता की इच्छा पूरी करने के लिए पुत्र तिलकराज तैयार हो गया। परिवार वाले लड़की ढूंढने लगे। ऐसे में ढाणी तेजा सिंह निवासी पप्पू खान उर्फ अलादीन जो की सोमनाथ को काफी समय से जानता है, उसने सोमनाथ से कहा कि उसकी नजर में एक अच्छी लड़की है ,जिसका नाम चांदनी और वो पानीपत रहती है। उसने लड़की की फोटो सोमनाथ को दिखाई। पप्पू खान ने लड़की की मां को फोन करके बताया कि 20 मई को लड़के वाले उसे देखने आ रहे हैं। 20 मई 2016 को पूरा परिवार पप्पू खान के साथ गाड़ी में सवार होकर पानीपत पहुंच गया। तिलकराज व चांदनी ने एक-दूसरे को पसंद कर लिया।
इसके बाद पप्पू खान ने शादी करवाने के लिए एक लाख रुपये लिए। तिलकराज व चांदनी ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर परिवारिक लोगों के बीच शादी कर ली। रात को परिवार अपनी बहू को लेकर सिरसा अपने घर पहुंचा। एक दिन बाद ही बहू चांदनी ने रात को भोजन में नशीला पदार्थ मिलाकर सभी को खिला दिया। देर रात जब सभी लोग बेसुध हो गए तो चांदनी सारे गहने व रुपये लेकर ससुराल से भाग गई। होश आने पर परिवार वालों को चांदनी घर से लापता मिली। परिवार पानीपत उसके घर गया तो वहां ताला लगा हुआ मिला। आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि चांदनी एक गिरोह में शामिल थी। यह गिरोह शादी करवार लोगों को ठगता है। यह जानकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद परिवार के मुखिया सोमनाथ ने सिटी थाने में जाकर शादी करवाने वाले पप्पू खान उर्फ अलादीन, बहू चांदनी व अन्य के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई।
मैंने कार्रवाई के आदेश दिए थे, सिटी पुलिस ने ठीक नहीं किया
पीड़ित परिवार मेरे पास आया था, उनकी गुहार सुनकर मैंने तुरंत सिटी थाने में फोन करके केस दर्ज करने का आदेश दिया था। ऐसे में परिवार को थाने के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, यह सही बात नहीं है। जिस भी पुलिस वाले ने मामला सेटल करवाने की बात कही उसके उसकी जांच होगी। मैंने स्पष्ट तौर पर कहा हुआ है कि जो भी शिकायत थाने में आती है उसे दर्ज करके जांच करो। जो ादोषी मिले उसे गिरफ्तार किया जाए। मेरे कहने पर भी शिकायत दर्ज नहीं करना और पीड़ित परिवार को परेशान करना गंभीर बात है। मैं करता हूं कार्रवाई।
विजय कक्कड़ , उपपुलिस अधीक्षक मुख्यालय सिरसा।