हरियाणा के सिरसा में कोरोना काल में मास्क के चालान राशि का गबन करने के आरोपी हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा का एक वर्ष 11 माह बाद स्वास्थ्य विभाग के पास पत्र पहुंचा है। अब स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में पुलिस को सूचना दी है। पुलिस अब इस मामले की जांच करेगी। जांच के दौरान यह पता किया जाएगा कि पत्र देवेंद्र मोंगा या किसी अन्य व्यक्ति की तरफ से लिखा गया है।
पत्र में देवेंद्र मोंगा ने सीएमओ से पेंशन सहित अन्य लाभ भी मांगे हैं। पत्र में लिखा है कि वह एमपीएचएस के पद पर कार्यरत था। मेडिकल लीव के दौरान उसे मास्क चालान राशि जमा नहीं कराने के बारे में नोटिस जारी किया गया। तीन जून को उसने रिकॉर्ड प्रस्तुत करना था, लेकिन उससे पहले ही उसे कई अधिकारियों ने प्रताड़ित किया।
इससे मानसिक दबाव में कीरतपुर साहिब के पास भाखड़ा में डूबने का फैसला किया। हालांकि उसने नहर में छलांग नहीं लगाई। 30 नवंबर 2022 को उसकी सेवानिवृत्ति थी। इसके तहत पेंशन सहित लाभ प्रदान किए जाएं, अगर कोई राशि बनती है, उसका भुगतान पेंशन बेनिफिट्स से काट लिया जाए, वहीं अनुपस्थिति के दौरान लिखे पत्रों की प्रतियां मांगी हैं।
स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला हुआ था दर्ज
गबन की राशि लेकर फरार होने के बाद देवेंद्र मोंगा के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस में शिकायत दी थी। उप सिविल सर्जन की शिकायत पर शहर थाना सिरसा पुलिस ने एमपीएचएस देवेंद्र सिंह व शिव कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मास्क चालान की राशि सरकारी खजाने में जमा करवाने का ब्योरा मांगा था, जो रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद 31 मई 2021 को देवेंद्र मोंगा गैरहाजिर हो गया। जांच के तहत रिकॉर्ड प्राप्त करके शिकायत दी गई। इसमें देवेंद्र मोंगा की ओर से जमा करवाई गई राशि में 43,64500 का अंतर पाया गया था। इसके साथ ही शिव कुमार की ओर से प्राप्त की गई राशि का ब्योरा मांगा तो उसने भी करीब तीन लाख 10 हजार रुपये कम जमा करवाए थे। इस मामले में छानबीन करते हुए पुलिस ने दिसंबर 2021 में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
भाखड़ा नहर के पास गाड़ी में लाइव होकर छलांग लगाने का किया था ड्रामा
देवेंद्र मोंगा ने 31 मई 2021 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड करके अपना पक्ष रखा। वीडियो में खुद को उसने बेकसूर बताते हुए सरकारी अस्पताल के एक डिप्टी सीएमओ, अकाउंट ऑफिसर और एक क्लर्क पर प्रताड़ना के आरोप लगाकर जीवन लीला समाप्त करने की बात कही थी। मोंगा ने अपने बेटे के मोबाइल पर नंबर भी सुसाइड नोट लिखकर भेजा था। देवेंद्र मोंगा की गाड़ी पंजाब के रोपड़ जिले की भरतगढ़ चौकी पुलिस ने भाखड़ा नहर के समीप से बरामद की थी। कार में उसका मोबाइल व अन्य कागजात भी मिले थे। पुलिस ने मोंगा की तलाश में गोताखोरों की मदद से तीन दिन सर्च अभियान भी चलाया था, लेकिन कुछ पता नहीं चलने के बाद पुलिस ने उसे लापता की सूची में डाल रखा था।
गबन मामले के आरोपी हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा के नाम से उनके पास पत्र पहुंचा है। इसमें उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ दिए जाने की मांग की है। इसके संबंध में पुलिस को सूचना दी गई है। हेल्थ इंस्पेक्टर पर पहले ही धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की जांच करेगी।
- महेंद्र कुमार भादू, कार्यकारी सिविल सर्जन, सिरसा ।