हरियाणा के सिरसा में सवा करोड़ रुपये के खाद घोटाले में रिश्वत लेकर मामले को जल्दी निपटाने के आरोपी विजिलेंस कांस्टेबल अजीत सिंह को सिविल लाइन थाना पुलिस ने अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। इस मामले में तत्कालीन विजिलेंस टीम के इंचार्ज रहे अधिकारी अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
25 फरवरी 2022 को एक गुमनाम चिट्ठी राज्य चौकसी ब्यूरो को मिली थी। इसमें सिपाही अजीत सिंह पर सहकारी समिति में सवा करोड़ रुपये के खाद घोटाले में 6 लाख 40 हजार रुपये रिश्वत लेकर कर्मचारियों को गुमराह करने के आरोप थे। सिपाही अजीत और सहकारी समिति सिरसा के कर्मचारियों की आपसी बातचीत का एक आडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इसके बाद 9 अगस्त 2022 को स्टेट विजिलेंस के डीआईजी रहे शिवचरण की अनुशंसा पर सिविल लाइन थाना में सिपाही अजीत सिंह और विजिलेंस इंचार्ज रहे अनिल के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। डीआईजी की जांच में मामला सही पाया गया और आरोपी अजीत को सिविल लाइन थाना पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। बुधवार को उसे अदालत में पेश कर जेल में भेज दिया गया है।
अन्य मामलों में भी रिश्वत लेने के बात आई सामने
बता दें कि विजिलेंस में रहे अजीत सिंह की अब सिविल लाइन थाना में ही ड्यूटी थी। आरोपी अजीत सिंह के खिलाफ अन्य मामलों में ही रिश्वत लेने की बात सामने आई है। अभी तत्कालीन विजिलेंस इंचार्ज रहे अधिकारी के खिलाफ भी जांच की जा रही है।
खाद घोटाले में रिश्वत लेने वाले आरोपी विजिलेंस कांस्टेबल अजीत सिंह को सिविल लाइन थाना ने अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।
-सुरजीत सहारण, पुलिस प्रवक्ता