हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन से संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जलघरों को ठेके पर देने के विरोध में वीरवार को जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंताओं डिवीजन नंबर एक व दो के कार्यालयों के समक्ष धरना देते हुए घेराव किया। विभिन्न मांगों को लेकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। धरना व प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रधान धर्मपाल सैनी ने की।
यूनियन के जिला प्रधान सोहन सिंह रंधावा और राज्य उप प्रधान कृपाशंकर त्रिपाठी ने धरने को संबोधित करते हुए हरियाणा सरकार और विभाग के अधिकारियों की निंदा करते हुए कहा कि जनहित के विभागों को ठेकेदारों के हवाले किया जा रहा है। लोगों को स्वच्छ पानी देने की जिम्मेवारी से अधिकारी अपना पीछा छुड़ा रहे हैं। इससे जनता में भी भारी रोष है। रोष प्रदर्शन में में गांवों के लोगों ने भी भाग लिया और पंचायतों ने ठेकेदारी प्रथा के विरोध में रेजुलेशन डाल कर दिए। प्रदर्शन में हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित यूनियन के कर्मचारियों ने भी भाग लिया।
सर्व कर्मचारी संघ और कर्मचारी महासंघ ने आंदोलन का समर्थन करते हुए मांग करते हुए कहा कि तुरंत प्रभाव से ठेका टेंडर रद्द किए जाए और यूनियनों से बातचीत करके समस्याओं और कर्मचारियों की मांगों का समाधान किया जाए अन्यथा पूरे जिले के अन्य विभागों के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो जाएंगे। किसी भी हालात में विभाग का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। धरने को कर्मचारी महासंघ के प्रधान महावीर प्रसाद, रूप राम पिलानिया, शंकर लाल स्वामी, राम बाबू, महासंघ के जिला प्रधान राम किशन, सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान महेंद्र शर्मा, वरिष्ठ जिला उप प्रधान मदन लाल कंबोज, काना राम बिश्नोई, जिला सचिव वेद प्रकाश शर्मा, लाल चंद मेहता, राम कुमार भरोखां, सत्यवान, रमेश सैनी, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रधान किशोरी लाल मेहता, जसवंत पटवारी, किसान सभा के राजकुमार शेखूपुरिया, रामबिलास भांभू, राजेंद्र चालाना ने भी संबोधित किया।