हरियाणा के सिरसा में पुलिस की वर्दी पहनकर राहगीरों को लूटने की कोशिश और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने ने पांच अभियुक्तों को पांच-पांच साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर 3-3 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले में डिंग थाना पुलिस ने वर्ष 2017 में अभियोग दर्ज किया था।
24 मई 2017 को डिंग थाना पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान गुप्तचर ने सूचना दी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर और बोलेरो पर नीली बत्ती लगाकर राहगीरों राहगीरों को लूटने की फिराक में हैं। इसके बाद डिंग थाना पुलिस गांव संगरसाधा के पास पहुंची, तो पुलिस को नीली बत्ती लगी एक बोलेरो सामने से आती दिखाई दी।
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इसके बाद पुलिसकर्मियों ने सड़क के बीच सरकारी गाड़ी खड़ी कर सामने से आ रही बोलेरो को रुकने का इशारा किया। पुलिसकर्मियों को देखकर बोलेरो सवार लोगों ने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। अपने बचाव के लिए पुलिस ने भी गोली चलाई। इसके बाद बोलेरो में सवार लोग घबरा गए। बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई।
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बोलेरो में सवार लोग खेतों की ओर भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने पीछा करके पांचों बदमाश कीर्ति नगर निवासी भूरा सिंह, जींद निवासी ईश्वर सिंह, बरवाला निवासी तरसेम सिंह, मेला ग्राउंड निवासी सुनील सैनी व बलराज को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान बोलेरो से एक लाख रुपये और 12 बोर का अवैध पिस्तौल मिला। अदालत ने अभियुक्तों को पांच साल की कैद की सजा सुनाई।
पुलिस की वर्दी में वारदात को देते थे अंजाम
वारदात को अंजाम देने के दौरान बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। पूछताछ में पता चला कि ये लोग रात को पुलिस वाले बनकर राहगीरों को लूटते हैं।