डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अश्लील कविता की ऑडियो सोशल मीडिया पर भेजने के मामले में जिला न्यायालय ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। डेरा सच्चा सौदा अनुयायी की शिकायत पर डबवाली शहर थाना पुलिस ने आरोपी जसविंद्र सिंह निवासी वार्ड-16 मंडी डबवाली व तरुण निवासी वार्ड-7 मंडी डबवाली के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज किया था।
इस मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अभियोजन पक्ष से बहस के दौरान न्यायालय को बताया कि वर्ष 2014 में डेरा सच्चा सौदा मुख्य संत गुरमीत राम रहीम साध्वी से दुष्कर्म व हत्या जैसे मामले का सामना कर रहा था। अब इस मामले में डेरा प्रमुख को पंचकूला सीबीआई कोर्ट दोषी करार दे चुकी है और डेरा प्रमुख का असल आचरण सबके सामने आ चुका है।
न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें व गवाहों की गवाही सुनने के बाद फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के अपराध को साबित करने में बुरी तरह विफल रहा है। आरोपियों से जब्त किए मोबाइल को अदालत समक्ष नहीं चलाया गया।
यहां तक की ऑडियो क्लिप भी न्यायालय समक्ष नहीं चलाई गई। इसके अलावा जब्त मोबाइल का डेटा भी नहीं निकाला गया। ऐसे में आरोपियों के खिलाफ एक भी ठोस सुबूत न्यायालय समक्ष पेश नहीं किया गया है। इसलिए आरोपी जसविंद्र सिंह व तरुण को बरी किया जाता है।
डेरा अनुयायी की शिकायत पर दर्ज किया था धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का केस
मामले के अनुसार 24 जून 2014 को डेरा सच्चा सौदा अनुयायी संदीप कुमार निवासी डबवाली के व्हाट्सएप नंबर पर एक ऑडियो संदेश आया था। संदीप ने मैसेज पर क्लिक किया तो उसमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अश्लील कविता थी।
इसके बाद संदीप कुमार ने शहर थाने में जाकर शिकायत दी कि जसविंद्र सिंह व तरुण ने उसके व्हाट्सएप नंबर पर ये ऑडियो संदेश भेजा है। इससे डेरा अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसलिए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए।
5 साल 8 महीने तक चली सुनवाई
न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार की अदालत में इस मामले की सुनवाई 5 साल 8 महीने तक चली। बचाव पक्ष पूरा जोर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बारे में न्यायालय को ये बताने में रहा कि डेरा मुखी पर दुष्कर्म व हत्या जैसे संगीन मामले सीबीआई कोर्ट में कई वर्षों से चल रहे थे।
पंचकूला सीबीआई कोर्ट वर्ष 2017 में इन संगीन मामलों में डेरा प्रमुख को दोषी करार दे चुकी है। डेरा प्रमुख के खिलाफ अश्लील ऑडियो क्लिप शिकायतकर्ता के व्हाट्सएप पर भेजने के संबंध में कोई ठोस सुबूत अदालत समक्ष पेश नहीं किया गया है। बचाव पक्ष की दलीलों को न्यायालय ने गंभीरता से सुना और फैसले में इसका जिक्र भी किया।