जेल के जंगले तोड़ने
में सात पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। जिला जेल में 11 नंबर बैरक में रह रहे सात हवालातियों ने बुधवार की शाम बैरक के जंगले तोड़कर भागने का प्रयास किया। लेकिन समय रहते जेल के कर्मचारियों ने उन्हें देख लिया। जिसके बाद जेल के डिप्टी सुप्रीटेंडेंट को घटना बारे सूचित किया गया। सूचना मिलने पर हुडा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। डिप्टी ुप्रीटेंडेंट की शिकायत पर पुलिस ने सात हवालातियों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जानकारी अनुसार हवालाती जगसीर, कुलदीप, जसपाल, गुरविंद्र, हाथी, कृष्ण व जगबीर सिंह जिला जेल की बैरक नंबर 11 में शिफ्ट थे। बुधवार की शाम सातों ने मिलकर बैरक के जंगले तोड़कर भागने का प्रयास किया। लेकिन समय रहते जेल में तैनात कर्मियों की उन पर नजर पड़ गई। कर्मचारियों ने तुरंत जेल के डिप्टी सुप्रीटेंडेंट को घटना बारे सूचित किया। डिप्टी सुप्रीटेंडेंट वरुण कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पुलिस को सूचित किया। जांच अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि जेल में बैरक के जंगले तोड़कर भागने के आरोप में सात हवालातियों पर केस दर्ज किया गया है।
फर्नीचर खरीदने के नाम पर 22 लाख की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
रानियां। क्षेत्र के गांव करीवाला निवासी एक व्यक्ति के साथ फर्नीचर खरीदने के नाम पर 22 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव करीवाला निवासी रघुबीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में धर्मपाल पुत्र जसपाल सिंह निवासी आर्य नगर मोहल्ला करतारपुर जांलधर पंजाब उसके गांव फर्नीचर बेचने के लिए आए थे। तीनों ने बताया कि दिल्ली में उनकी यू लाइक फर्नीचर के नाम से शॉप है। धर्मपाल के साथ जाकर दिल्ली में उसने सामान देखा। उसने सामान के हिसाब से करीब 22 लाख रुपए की राशि उसे दे दी। राशि देने के सप्ताह बाद उसने धर्मपाल को सामान पहुंचाने के लिए कहा। दो-तीन दिनों तक वह बहानेबाजी करता रहा। जब उसने दिल्ली जाकर दुकान के बारे में पूछताछ की तो पता चला की दुकान किसी और की है। इस पर उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला। उसने मंगलवार को पुलिस को ठगी बारे शिकायत दी है। धर्मपाल के साथ हर्ष मदान निवासी यू लाइक फर्नीचर मानसरोवर दुकान नंबर 120 बी कीर्तिनगर दिल्ली व विजय भी थे। जांच अधिकारी पूनम ने बताया कि फर्नीचर खरीदने के नाम पर 22 लाख रुपये की ठगी की शिकायत आई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।