फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जहर खाने की धमकी देने पर स्कूल प्रिंसिपल पुलिस चौंकी में जाकर पुलिस लेकर आया, ग्रामीणों ने समझाया, पहले भी प्रिंसिपल को जहर खान

विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल से कार्यभार मुक्त करने पर गेस्ट टीचर ने किया हंगामा
विज्ञापन

सिरसा। गांव मौजदीन के सरकारी स्कूल में सोमवार को अंग्रेजी गेस्ट टीचर ने प्रिंसिपल द्वारा स्कूल से कार्यभार मुक्त करने पर हंगामा कर दिया। महिला गेस्ट टीचर पहले स्कूल के गेट के आगे धरने पर बैठी। बाद में वह स्कूल के सामने सड़क पर बैठ गई। टीचर की मांग थी कि उसे निकालने का कारण बताया जाए और स्कूल में ही ज्वाइनिंग करवाया जाए। महिला गेस्ट टीचर के पिता भी उनके साथ थे। हालांकि दस मिनट तक समझाने के बाद महिला गेस्ट टीचर वापस स्कूल में आ गई। करीब दो घंटे तक पुलिस, स्कूल प्रबंधन और महिला के अभिभावक और गेस्ट टीचर्स यूनियन के बीच बैठक हुई। सभी पक्षों ने महिला और अभिभावकों को समझा बुझाकर जिला शिक्षा अधिकारी के पास भेज दिया। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी से भी उसे ज्वाइनिंग के लिए संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार मौजदीन के सरकारी स्कूल में अंग्रेजी विषय की गेस्ट टीचर्स के खिलाफ पढ़ाई न करवाने की शिकायत स्कूली बच्चों ने प्रिंसिपल को दी। प्रिंसिपल ने इसकी शिकायत डीईओ के पास भेजी। करीब सात जुलाई को गेस्ट टीचर ने स्कूल प्रिंसिपल को जहर खाने की धमकी दी और उसके साथ गाली गलौच किया। साथ ही पिता को फोन करके सूचना दी कि मेरी मौत का जिम्मेदार स्कूल प्रिंसिपल भीम सिंह होगा। मैंने स्प्रे मंगवा ली है। अभी पी रही हूं, धमकी नहीं दे रही, आज मेरे घर डैड बॉडी आएगी। प्रिंसिपल ने गेस्ट टीचर की रिकार्डिंग कर ली। उसने डीईओ को शिकायत के साथ सीडी बनाकर भेज दी। डीईओ ने इसकी जांच के लिए दो प्रिंसिपल करतार सिंह व सतवंत कौर की कमेटी गठित कर दी।
विज्ञापन

कमेटी ने जांच रिपोर्ट में शिकायतें सही पाई
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि कई साल से गेस्ट टीचर के खिलाफ शिकायतें आ रही थी तो स्कूल प्रिंसिपल ने इसे रिलीव क्यों नहीं किया और बच्चों की संख्या कम होने का कारण भी यहीं वजह है। कमेटी ने इसके लिए वर्तमान और पूर्व प्रिंसिपल को भी जिम्मेदार ठहराया। कमेटी के समक्ष महिला मान भी गई कि सीडी में आवाज उसकी ही है। इस पर कमेटी ने वर्तमान प्रिंसिपल भीम सिंह व पूर्व प्रिंसिपल स्नेहलता से भी स्पष्टीकरण मांग लिया। प्रिंसिपल ने अपने ऊपर कार्रवाई होते देख इसे शनिवार को गेस्ट टीचर को कार्यभार मुक्त कर दिया। सोमवार को गेस्ट टीचर अपने पिता के साथ स्कूल में पहुंच गई। महिला ने स्कूल में रिलीव करने पर हंगामा किया और सुसाइड करने की धमकी दी। प्रिंसिपल खुद मल्लेका पुलिस चौंकी गया और पुलिस को लेकर आया। महिला स्कूल के बाहर सड़क पर भी बैठ गई। स्कूल प्रबंधन ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। साथ ही जिले की गेस्ट टीचर्स यूनियन भी पहुंच गई। गेस्ट टीचर ने स्टेशन देने की मांग की। लेकिन स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि वह परफोरमा भर दें और शिक्षा निदेशालय से स्टेशन लेकर आए। प्रिंसिपल से इस बात की बहस करती रही कि मुझे रिलीविंग का कारण बताया जाए। जिस पर प्रिंसिपल भीम सैन ने कहा कि वह पत्राचार के माध्यम से डीईओ को अवगत करवा देंगे। डीईओ से बात करें। इसके बाद मौके पर पुलिस ने महिला और उसके पिता को समझाया। शाम को महिला जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत वर्मा के पास पहुंची। लेकिन डीईओ ने कहा कि आपके खिलाफ जांच कमेटी की रिपोर्ट सही है। इसलिए ज्वाइन नहीं करवाया जा सकता।
स्कूल में बच्चों की संख्या में भी हो रही थी कमी
पिछले साल स्कूल में करीब 389 बच्चे थे। इस साल यह आंकड़ा करीब 257 रह गया। जांच कमेटी ने जब इस संबंध में स्टाफ से पूछा तो उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर के व्यवहार के कारण स्कूल में बच्चों की संख्या में कमी आई है। साथ ही स्टाफ भी स्कूल में इन्हीं कारणों से पढ़ाना नहीं चाहता। मई 2017 को पूर्व प्रिंसिपल स्नेहलता ने भी एसपी व डीसी को शिकायत दी थी कि यह गेस्ट टीचर स्कूल में स्प्रे पीने की धमकी देती है।
विज्ञापन

कोट्स
गेस्ट टीचर के खिलाफ बच्चों ने पढ़ाई न करवाने की शिकायत दी थी। पिछले कई सालों से स्कूल स्टाफ भी परेशान था। सात जुलाई को गेस्ट टीचर ने मुझे कार्रवाई करने पर जहर खाने की धमकी दी। मैंने डीईओ को शिकायत दी। डीईओ को धमकी की सीडी बनाकर भी उपलब्ध करवा दी। स्कूल से कार्यभार मुक्त करने पर गेस्ट टीचर सोमवार को स्कूल में आकर धरने पर बैठ गई और फिर सड़क पर। पुलिस ने इसे समझाया। हमने डीईओ कार्यालय को अवगत करवा दिया।
भीम सिंह, स्कूल प्रिंसिपल, मौजदीन।
कोट्स
गेस्ट टीचर ने जहर खाने की धमकी दी थी, इसके खिलाफ शिकायत सही पाई गई। शिक्षा निदेशालय से ही अब इसकी ज्वाइनिंग होगी। हमने इसे रिलीव कर दिया।
यज्ञदत्त वर्मा, डीईओ सिरसा।
कोटस
हमने दोनों पक्षों में से किसी ने भी किसी के खिलाफ शिकायत नहीं दी। महिला और उसके पिता को समझाकर भेज दिया गया।
जगमीत सिंह, चौंकी इंचार्ज, मल्लेकां।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें