लिंग जांच करने वाले डॉक्टर को दो साल कैद
डबवाली (सिरसा)। पीएनडीटी मामले में सोमवार को उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी रीतु बाला की अदालत ने डबवाली के गोल बाजार स्थित सिंगला नर्सिंग होम के संचालक डॉ. पवन सिंगला को दो साल कैद और आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
मामले के अनुसार 6 जनवरी 2014 को शाम करीब 4 बजे तत्कालीन उपसिविल सर्जन राजकुमार, सीनियर ड्रग कंट्रोल निरपन गोयल ने सिंगला नर्सिंग होम पर छापामारी करके रिकॉर्ड खंगाला था, जिनमें केंद्र संचालक ने कोताही बरती हुई थी। रजिस्टर में कटिंग तथा ओवर राइटिंग कर रखी थी। रिकॉर्ड में रेफरल स्लिप गायब मिली थी तो कुछ स्लिप पर लिखी भाषा ही समझ नहीं आ रही थी। यह पता नहीं चल पा रहा था कि जिसका अल्ट्रासाउंड हुआ है, वह कहां का रहने वाला है। कई अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर चिकित्सक के हस्ताक्षर भी नहीं मिले थे। रिकॉर्ड देखने से यह भी मालूम नहीं पड़ता था कि आखिर संबंधित पेशेंट का अल्ट्रासाउंड क्यों और किन परिस्थितियों में किया गया था। फार्म एफ तथा यूसीजी रजिस्टर का रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहा था। टीम ने कई ऐसी रेफरल स्लिप बरामद की थी, जिसमें डॉक्टर ने मरीज को सेल्फ रेफरल कर रखा था। पीएनडीटी रिकॉर्ड में खामियां मिलने के कुछ माह बाद सीएमओ सिरसा ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी।