अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
प्रदेश में जगह-जगह पर नाबालिग बच्चियों के साथ हो रहे गैंगरेप और बलात्कार की घटनाओं ने प्रदेशवासियों की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। नाबालिग बच्चियों के चीरहरण हो रहे हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर धृतराष्ट्र बने हुए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का दिया गया नारा यह भी बताता है कि केवल जुमलों और नारों से नारी सम्मान की रक्षा नहीं की जा सकती। यह बात आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष विरेंद्र कुमार एडवोकेट ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने मांग की कि इन घटनाओं को रोकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, नई आधुनिक फोरेंसिक लैब खोलने और छह माह में दोषी में फांसी की सजा देने का कानून पास किया जाना चाहिए। आज हालात यह हैं कि प्रदेश सरकार यह संदेश देने में असफल साबित हुई है कि हरियाणा में महिलाएं सुरक्षित हैं। 2017 में हरियाणा में 204 गैंगरेप, 1238 बलात्कार, 141 में बलात्कार की कोशिश के मामले सामने आए। यह तमाम आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा के नाम पूरी तरह से विफल साबित हुई है और उपरोक्त आंकड़ाें के साथ देश भर में हरियाणा ने इस कुकृत्य के मामले चौथा स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश सरकार को समझना होगा कि महिला थानों के खोलने से महिलाएं सुरक्षित नहीं हो सकतीं। इस अवसर पर उनके साथ सिरसा विधानसभा अध्यक्ष हंसराज सामा, धर्मपाल लाट, ताराचंद फौजी, ओमप्रकाश अरोड़ा, भूपेंद्र सिंह, प्रमोद वधवा, हरबंस लाल, युवा हलका अध्यक्ष राजन मेहता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।