पोस्टमार्टम से मना करने पर बंद किया सिविल अस्पताल का मुख्य द्वार
सिरसा। बाइक की टक्कर से वीरवार सुबह हुई गांव हुमायूं खेड़ा की महिला की मौत के मामले में शुक्रवार को डॉक्टर द्वारा शव का पोस्टमार्टम करने से मना करने पर उनके परिजनों ने दस मिनट के लिए सिविल अस्पताल का मुख्य द्वार बंद कर दिया। अस्पताल के अधिकारियों को जब इस बात की भनक लगी तो तुरंत एक अन्य चिकित्सक की ड्यूटी पोस्टमार्टम के लिए लगाई गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल का गेट खोल दिया।
जानकारी के अनुसार गांव हुमायूंखेड़ा निवासी महिला पूनम व प्रमिला वीरवार सुबह अपने घर के बाहर बैठी थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर दोनों से टकरा गया। इस हादसे में दोनों महिलाओं समेत बाइक सवार भी घायल हो गया। परिजनों ने तीनों को नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां पूनम ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि प्रमिला व बाइक सवार कुलदीप अभी भर्ती है। महिला का शव वीरवार की सुबह से ही अस्पताल के मोर्चरी हाउस में रखा हुआ था और कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह पुलिस कर्र्मचारी कागजी कार्रवाई के लिए परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। इस दौरान लिफ्ट से गिरकर मरे रानियां गेट के युवक का पोस्टमार्टम किया जा रहा था। दोपहर करीब 12 तक इंतजार करने के बाद जब डॉक्टर से पोस्टमार्टम के लिए बात की तो उसने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। इससे नाराज 10-15 परिजन अस्पताल के मुख्य द्वार पर आ गए और गेट बंद कर वहीं बैठ गए। अस्पताल प्रबंधन को जब मुख्य द्वार बंद करने की भनक लगी तो तुरंत पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई। जिसके बाद परिजनों ने गेट खोल दिया।
कोट्स:
युवक के शव का पोस्टमार्टम इमरजेंसी में ड्यूटीरत चिकित्सक ने किया था। महिला के पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सक की ड्यूटी लगा दी गई थी। परिजनों ने अकारण ही कुछ देर के लिए अस्पताल का मुख्य द्वार बंद कर दिया था।
डॉ. वीरेश भूषण, डिप्टी सिविल सर्जन, सिविल अस्पताल सिरसा।