बैंक ने कर्ज की अदायगी न करने पर कर्जदाता का मकान किया सील
सिरसा। ऋण अदायगी न करने पर एसबीआई ने रानियां रोड पर पेट्रोल पंप के नजदीक चुंगी नंबर एक में कर्जदाता के मकान को सील कर दिया गया। कर्जदाता ने वर्ष 2015 में 11 लाख रुपये का लोन लिया था। स्टेट बैंक के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचें। बीडीपीओ रवि कुमार बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। बिना किसी विरोध के संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई अमल में लाई गई। इस दौरान परिवार ने अपना सामान पड़ोसियों के घर पर शिफ्ट किया।
जानकारी के अनुसार हरमीत सिंह ने एसबीआई की सूरतगढ़िया चौक स्थित शाखा से 11 लाख का लोन 25 जुलाई 2015 में लिया था। बैंक द्वारा ऋणी को 6 मई 2017 को डिफाल्टर घोषित किया गया और 10 लाख 56 हजार 684 रुपये का नोटिस दिया गया। इसके बाद बैंक द्वारा बैंक 7 जुलाई 2017 को पुन: नोटिस दिया गया। प्रापर्टी कुर्की के लिए एसबीआई पंचकूला हेडक्वार्टर से मंजीत कौर की अगुवाई में अधिकारियों की टीम सिरसा पहुंची। बैंक द्वारा घर के सभी कमरे सील कर दिए गए और बैंक की गार्द भी तैनात कर दी गई है। एसबीआई द्वारा ऋणी को ऋण राशि 30 दिन के भीतर जमा करवाने की मोहलत दी गई है। दूसरी ओर ऋणी हरमीत सिंह के अपाहिज भाई मंगल सिंह ने एसबीआई के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें ट्रक खरीदना था। बैंक के कई चक्कर लगाए लेकिन अधिकारियों ने दलाल के माध्यम से लोन देने की हामी भरी। उन्हें ट्रक खरीदने के लिए घर का लोन पास किया गया। कहा गया कि कुछ राशि घर पर खर्च कर लेना और शेष राशि से ट्रक खरीद लेना। शाखा प्रबंधक ने 11 लाख का लोन पास किया और उन्हें मात्र साढ़े सात लाख रुपये ही मिलें। पूरी राशि न मिलने के कारण न घर पर पैसा खर्च किया जा सका और न ही ट्रक ही खरीदा जा सका। उसने बताया कि बैंक की ओर से उन्हें कभी नोटिस जारी नहीं किया गया। बैंक अधिकारियों की धांधली की शिकायत वे विजिलेंस से कर चुके है। शिकायत के बाद राजीनामे के लिए भी दबाव डाला गया और जब इससे इंकार किया गया तब उन्हें घर से बाहर कर दिया गया है।