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Sirsa News: फर्जी एनडीसी प्रकरण में नगर परिषद के कर्मचारियों पर नकेल कसी, चार आरोपियों से पुलिस कर रही पूछताछ, क्लर्क मनीष सैनी को उठाया

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सिरसा। पुलिस प्रशासन ने फर्जी एनडीसी (नो ड्यूज) मामले में नगर परिषद के कर्मचारियों पर नकेल कस दी है। इस मामले में जांच के दायरे में कई अन्य कर्मचारी भी आ सकते हैं। सदर थाना पुलिस ने सोमवार को सुबह करीब 11.30 बजे क्लर्क मनीष सैनी को पूछताछ के लिए ले गई। कर्मचारी को ले जाते ही नगर परिषद में हड़कंप मच गया कई कर्मचारी इधर-उधर हो गए।
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पुलिस नगर परिषद कार्यालय से क्लर्क मनीष से फर्जी एनडीसी मामले में पूछताछ कर राज उगलवाने की कोशिश में जुटी हुई है। सदर थाना प्रभारी ने कहा कि अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। रिमांड के चलते चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े तारों को जोड़ने का प्रयास जारी है।
सूत्रों के अनुसार क्लर्क शहर के बड़े भाजपा नेता के करीबी बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि डबवाली ट्रांसफर होने के बाद ही उन्हें पुन: सिरसा तीन माह के अंदर ही वापस बुला लिया गया। सूत्रों के अनुसार फर्जी एनडीसी मामले में 15 से 20 लोग पुलिस की रडार पर हैं, जिनको पुलिस जांच के दायरे में शामिल करेगी।
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चैक और मेकर के चक्कर में सब उलझे
नगर परिषद के अंदर नियमों का ध्यान कभी नहीं रखा गया। कई क्लर्कों को दो दो आईडी दे दी गई। ऑनलाइन आवेदन की जांच करने वाले और निर्णय लेने वाले भी उन्हें बना दिया गया। ऐसे में अधिकारियों का इन पर कोई कंट्रोल नहीं रहा। वहीं, दूसरी ओर जेई और एमई की आईडी बनाई गई तो विकास कार्यों के साथ अन्य कार्यों के चलते वह क्लर्कों पर ही निर्भर रहे। क्योंकि कहीं न कहीं क्लर्कों पर उन्हें विश्वास करना पड़ता था। इसलिए अब जांच के दौरान कई प्रॉपर्टी आईडी के खुलासे होने की उम्मीद है।
सीएचसी के साथ क्लर्कों की सांठगांठ की खुलेगी पोल
सूत्रों के मुताबिक पुलिस जांच के दौरान भ्रष्टाचार की परतें खुलेगी। किस प्रकार फाइल प्रॉपर्टी टैक्स का काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा सीएचसी संचालकों के साथ मिलकर सांठगांठ की जाती थी। आरोपियों के बयानों के साथ साथ उनके मोबाइल डाटा को खंगाला जा रहा है। मोबाइल डाटा के आधार पर कई चौंकाने वाली राज सामने आएंगें।
डबवाली में फर्जी एनडीसी मामले की चल रही है जांच
नगर परिषद में एक एनडीसी से शुरू हुआ मामला अब 55 एनडीसी तक पहुंच चुका है। जून माह में फर्जी एनडीसी जारी करने को लेकर तहसीलदार ने नोटिस जारी किया था। इस मामले की जांच करने के बाद अनअप्रूव्ड एरिया की एनडीसी जारी की गई है। इस मामले में जिला नगर आयुक्त विरेंद्र सेहरावत ने श्रवण कुमार नामक क्लर्क को सस्पेंड किया था। दो माह बाद पुन: उसकी बहाली करवा दी गई। बहाली के बाद जिला नगर आयुक्त कार्यालय में ही क्लर्क की ड्यूटी लगा दी गई।
सीएम फ्लाइंग कर रही है जांच
नगर परिषद की एनडीसी धांधली की जांच सीएम फ्लाइंग की टीम भी कर रही है। पिछले माह ही सीएम फ्लाइंग एनडीसी मामले में दस्तावेज लेने के लिए आई थी। उस दौरान नगर परिषद के अधिकारियों ने दस्तावेज नहीं सौंपे थे। एनडीसी में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद अब सीएम फ्लाइंग भी अपना शिकंजा कर्मचारियों पर कसती हुई नजर आएगी।
डीआरओ संजय बिश्नोई ने भेजी थी 13 प्रॉपर्टियां सत्यापन के लिए
डीआरओ संजय बिश्नोई ने 13 प्रॉपर्टी आईडी की एनडीसी को लेकर पहले ही सवालियां निशान लगाया था। जून माह के आसपास इन प्रॉपर्टी की जांच करने को लेकर उन्होंने नगर परिषद को लिखा था। उस समय एक क्लर्क ने अधिकारियों के साथ रिपोर्ट तैयार की थी। अगस्त माह में उसी क्लर्क की भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने उसका ट्रांसफार्मर करवा दिया था।
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कोट्स
अभी मामले की जांच जारी है। चारों आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। इस मामले से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
सुखदेव सिंह, प्रभारी, सदर थाना
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