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कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण एमबीबीएस कर रहे छात्रों के परिजन चिंतित,

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अस्पताल में बना आइसोलेशन वार्ड। - फोटो : Sirsa
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चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते जिला स्वास्थ्य विभाग ने तीन अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं। वहीं चीन के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्र व उनके परिजन भी चिंतित है। सिरसा के दो भाई चीन से वापस आए हैं, लेकिन उनकी वापसी 17 फरवरी को हैं, जिस पर परिजन भी चिंतित है। मौजूदा समय में चीन के वेफेंग शहर में मेडिकल विश्वविद्यालय में करीब 300 भारतीय छात्र हैं।
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सिरसा के रहने वाले दो चचेरे भाई चीन के वेफेंग मेडिकल विश्वविद्यालय के छात्र हैं। दोनों भाई 17 जनवरी को चीन से इंडिया आए। एमबीबीएस के छात्र देव करण व हरमन सिंह ने बताया कि पहले यह वायरस वुहान सिटी में ही था। लेकिन जब वे भारत आए तो उन्हें पता चला कि उनके शहर वेेफेंग में भी फैल गया। उनके विश्वविद्यालय के करीब 10 भारतीय छात्र दूसरे शहरों में घूमने के लिए गए थे। तीन अन्य पाकिस्तानी छात्र थे। दस भारतीयों में से अधिकतर गुजराती थे। जब वे वापस आए तो विश्वविद्यालय प्रबंधन ने वायरस को संक्रमण को देखकर उन्हें एक अलग फ्लोर पर रखा। पिछले कई दिनों से हर दिन उनके टेस्ट लिए जा रहे हैं। उन्हें 14 दिनों तक अलग फ्लोर में रखा जाएगा। यदि उनके शरीर का तापमान सामान्य रहता है तभी उन्हें दूसरे कमरों में शिफ्ट किया जाएगा। एमबीबीएस छात्र देवकरण व हरमन ने बताया कि जब से चीन में कोरोना वायरस फैला है, तब से सिरसा में उनके परिजन भी मायूस है, उन्होंने 17 फरवरी को वापस वेफेंग विश्वविद्यालय में पहुंचना है। क्योंकि विश्वविद्यालय ने वायरस के संक्रमण को देखकर भी छुट्टियों की तिथि नहीं बढ़ाई। दोनों ने बताया कि चीन में वायरस के चलते वेफेंग शहर के गांवों में लोग अपने गांवों को आने वाली सड़कों की खुदाई कर रहे हैं, ताकि बाहर से कोई व्यक्ति गांव में न आए।
सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस को लेकर आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है। जिले में तीन अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। सिरसा सिविल अस्पताल, डबवाली सिविल अस्पताल और ऐलनाबाद सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। वहीं सीएमओ डॉ. विरेश भूषण ने बताया कि उन्होंने एक रेपिड रिस्पोंस टीम का भी गठन किया है। अगर कोई संदिग्ध मरीज लगता है तो उसका तुरंत इलाज किया जाएगा। डॉक्टर एसोसिएशन आईएमए के सभी डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है कि अगर किसी भी प्रकार का कोई मरीज आता है तो वह तुरंत उसकी जानकारी सिविल अस्पताल में दें।
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लक्षण और बचाव
नोडल अधिकारी डॉ. अनिशा ने बताया कि इसके लक्षण खांसी, जुकाम जैसे ही होते हैं। अगर किसी को कोई शक है तो वह तुरंत इसकी जांच करवाएं। हमें मास्क का प्रयोग करना चाहिए, छिंके और खांसी आने पर रुमाल का प्रयोग करना चाहिए, हमें अगर किसी वस्तु को छूते हैं तो उसके बाद हाथ धोने चाहिए, जो इंफेक्शन होता है उससे बचना चाहिए और वहीं हमें अपने आसपास सफाई का ध्यान रखना चाहिए, जिससे वायरस न फैले।
कोरोना वायरस का टेस्ट केवल सिविल अस्पताल में ही करवाया जाता है। जिसको लेकर सीएमओ ने सभी डॉक्टर को बोला है कि अगर उनके पास कोई मरीज आता है तो तुरंत वह सिविल अस्पताल में इसकी जानकारी दें।
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- डॉ. विरेश भूषण, सीएमओ
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