सिविल अस्पताल में शुक्रवार रात को नौ बजे एक कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग मरीज लापता हो गया। बुजुर्ग मरीज के लापता होने ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। पुलिस को भी रात्रि 10 बजे सूचित कर दिया गया था, लेकिन पुलिस भी ढाई घंटे बाद साढ़े बारह बजे अस्पताल पहुंची। करीब पांच घंटे के बाद मरीज अस्पताल में ही बने मलेरिया विभाग भवन में छिपा मिला। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बात को नकारते नजर आ रहे हैं। वहीं, परिजन स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था की पोल खोलती वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं।
सरकार की ओर से सभी जिलों के अधिकारियों को ये आदेश दिए गए हैं कि अस्पतालों में दाखिल कोविड-19 के मरीजों की विशेष निगरानी रखी जाए, लेकिन जिला नागरिक अस्पताल की लचर व्यवस्था को देखकर कतई नहीं लगता कि सरकार के यहां के अधिकारियों के लिए कोई मायने रखते हैं। शुक्रवार देर रात 9 बजे एक कोरोना संक्रमित बुजुर्ग अचानक अस्पताल में बने वार्ड से लापता हो गया। बुजुर्ग के लापता होने से अस्पताल के स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को सूचना दी गई। साथ ही परिजन भी गांव से सिरसा सिविल अस्पताल पहुंचे। इसके बाद करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद बुजुर्ग अस्पताल में ही बने मलेरिया विभाग के भवन के निकट बैठा मिला, जिसके बाद स्टाफ सदस्यों व परिजनों की जान में जान आई।
परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, एक घंटे तक कंप्यूटर रूम में नहीं मिला माउस
जिले के गांव निवासी बुजुर्ग के परिजनों ने बताया कि 23 जुलाई को बुजुर्ग की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद उसे अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया था। शुक्रवार देर रात्रि करीब 9 बजे सिटी स्कैन के लिए स्टाफ सदस्य बुजुर्ग को लेकर गए। इसके बाद साढ़े 9 बजे वह अचानक अस्पताल से गायब हो गए। जब इस बात का पता स्टाफ सदस्यों को लगा तो उनमें हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। स्टाफ सदस्य भागदौड़ करते रहे, लेकिन बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं लगा। स्टाफ सदस्यों ने परिजनों को फोन कर इस बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिजन अस्पताल में आते ही सीएमओ की कोठी पर गए और काफी देर तक घंटी बजाई, लेकिन सीएमओ ने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, परिजनों ने कहा कि सीएमओ को फोन भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। जब परिजन आपातकालीन विभाग में लगे सीसीटीवी की फुटेज देखने के लिए आए तो कैमरे चलाने वाला युवक एक कमरे में सो रहा था। जब वे युवक के पास गए तो उसने बिना डॉक्टर की अनुमति के फुटेज दिखाने से मना कर दिया। इसके बाद वे डॉक्टर के पास गए और फुटेज दिखाने की बात कही। डॉक्टर के कहने पर युवक उठकर आया, लेकिन फिर फुटेज देखने के लिए माउस नहीं मिला। करीब एक घंटे बाद माउस मिला और फुटेज दिखाई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल से एक बुजुर्ग लापता हो जाता है और अधिकारियों को कोई चिंता ही नहीं है। इससे बड़ी लापरवाही और क्या हो सकती है। ऐसी व्यवस्था के सहारे वे परिजनों को अस्पताल में कैसे छोड़ दें, ये सोचने वाली बात है। हालांकि इसके बाद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व अन्य चिकित्सक मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वहीं, सीएमओ डॉ सुरेंद्र नैन ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है सब कुछ गलत है।
मामला मेरे संज्ञान में आ गया है। एसडीएम को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। वे पूरे मामले की जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- रमेश चंद्र बिढान, डीसी सिरसा।