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काम में लापरवाही पर ठेकेदार का 61 लाख रुपये का बिल अटैच, अब अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी

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सड़क किनारे पड़ी पाइप। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। शहर के चत्तरगढ़पट्टी वाटर वर्क्स के पानी के टैंक रिपेयर में लापरवाही को लेकर जांच के बाद अब जन स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदार से 2.38 करोड़ रुपये की रिकवरी को लेकर बिल अटैच करना शुरू कर दिया है। पहले चरण में विभाग ने ठेकेदार का 61 लाख रुपये का बिल अटैच कर दिया। दूसरी ओर रिकवरी रोकने के लिए स्टे ऑर्डर की मांग करते हुए ठेकेदार ने न्यायालय की शरण ली है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी। वहीं विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी चार्जशीट की तैयारियां कर ली हैं।
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जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन तरुण गर्ग ने ठेकेदार तरुण गर्ग का 61 लाख रुपये का बिल अटैच कर दिया। यानी 61 लाख रुपये की पेमेंट विभाग ने जारी कर ली लेकिन ये पेमेंट ठेकेदार के अकाउंट में ना जाकर विभाग के खाते में ही जाएगी। साथ ही ठेकेदार के अन्य बिल भी अटैच करने को लेकर विभाग ने प्रक्रिया शुरू की है। इस कार्रवाई के खिलाफ ठेकेदार ने सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ठेकेदार ने तर्क दिए और मांग की है कि रिकवरी कार्रवाई रोकी जाए। अब इस मामले में सोमवार को सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद न्यायालय अपना फैसला सुनाएगी।
जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी चार्जशीट की तैयारी
विभाग के उच्चाधिकारियों ने ठेकेदार की काम में लापरवाही और बिना जांच के पेमेंट करवाए जाने के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी चार्जशीट की तैयारी कर ली है। हालांकि इस मामले में पहले जेई सीताराम को निलंबित किया जा चुका है। अब संबंधित एसडीओ और अन्य जेई के खिलाफ भी चार्जशीट तैयार कर ली गई है। सूत्र बताते हैं कि विभाग के उच्चाधिकारी इस मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। एक जेई जल्द ही पदोन्नति पाकर मार्च में एसडीओ बनने वाले हैं। विभाग के उच्चाधिकारियों का प्रयास है कि पदोन्नति होने तक चार्जशीट न किया जाए। क्योंकि पदोन्नति के बाद चार्जशीट होते हैं तो कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा, अन्यथा पदोन्नति रुक जाएगी।
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ये है पूरा मामला
जन स्वास्थ्य विभाग ने 27 नवंबर 2019 को नहर से मुख्य जलघर चत्तरगढ़पट्टी तक पाइप लाइन डालने, वाटर टैंक की रिपेयर करवाने और अन्य कार्यों का टेंडर जारी किया था। करीब 8 करोड़ 50 लाख 78 हजार रुपये के इस कार्य को 18 महीने में पूरा करना था। इसके तहत काम करवाकर करीब 686.41 लख रुपये का भुगतान किया गया। इसी दौरान आरोप लगे कि काम पूरा होने से पहल ही ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। उपायुक्त ने इस मामले की जांच के आदेश दिए और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से जांच करवाई। विभाग ने भी विजिलेंस से जांच करवाई। जांच के बाद अधिकारी ने रिपोर्ट में ठेकेदार से 2.38 करोड़ रुपये रिकवरी की अनुशंसा की। इस के बाद विभाग ने जेई सीताराम को भी निलंबित कर दिया। अब विभाग ने ठेकेदार के बिल अटैच करने शुरू कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार ने कोर्ट में केस कर दिया।
करोड़ों की पाइपें पडी सड़क किनारे, जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंजुआना से लेकर सिरसा चत्तरगढ़पट्टी वाटर वर्क्स तक पाइपलाइन बिछाने के लिए भी वर्ष 2019 में ही ठेका जारी किया था। इस काम को शुरू करने के लिए ठेकेदार को वर्क ऑर्डर तो दे दिया। ठेेकेदार ने विभिन्न विभागों की ओर से मिलने वाली एनओसी मांगी। काम शुरू करने के लिए वायुसेना केंद्र, एनएचएआई, पीडब्लयूडी विभाग, वन विभाग और रेलवे विभाग से एनओसी ली जानी थी। ये काम जन स्वास्थ्य विभाग का था लेकिन आज तक किसी भी विभाग से अधिकारी एनओसी नहीं ले पाए। बताया जा रहा है कि विभाग ने करीब 16 करोड़ रुपये की पाइपें भी पंजुआना के पास सड़क किनारे रखवा दी थी। लेकिन इन पाइप की रखवाली करने वाला कोई नहीं है। क्योंकि न तो विभाग के अधिकारी इसकी जिम्मेदारी ले रहे हैं और न ही ठेकेदार। ठेकेदार का कहना है कि अधिकारिक तौर पर विभाग ने पाइपें उन्हें सुपुर्द नहीं की हैं। ऐसे में पाइप चोरी होने पर विभाग का बड़ा नुकसान हो सकता है। ये काम आज तक शुरू भी नहीं हो पाया है।
जांच के बाद ठेकेदार से रिकवरी करने के आदेश हुए हैं। इसलिए उसका 61 लाख रुपये का बिल अटैच कर दिया गया है। इससे पहले इस मामले में जेई को निलंबित किया जा चुुका है। अन्य अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट करने की कार्रवाई जारी है।
-तरुण गर्ग, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, सिरसा
विभाग ने एकतरफा फैसला लेते हुए मेरे बिल अटैच करने शुरू कर दिए हैं। मैंने रिकवरी के खिलाफ कोर्ट में केस किया है। वहां सुनवाई चल रही है। मेरे ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इस काम में लापरवाही करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की जा रही। इस काम के तहत पंजुआना से सिरसा तक पाइपलाइन भी बिछाई जानी थी। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने तीन साल के दौरान आज तक पाइपलाइन बिछाने के लिए वन विभाग, रेलवे, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और वायुसेना केंद्र से एनओसी भी नहीं दिलवाई। वह काम आज भी रुका पड़ा है। जो पाइपें सड़क पर पड़ी हैं वह भी अधिकारिक तौर पर अभी तक विभाग ने मुझे सुपुर्द नहीं की है।
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-तरुण गर्ग, ठेकेदार, सिरसा।
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