क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था कितनी लचर है, इसका सहज ही अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस कर्मियों के पास वारदात स्थल तक जाने के लिए वाहन तक नहीं है। इस बात का प्रमाण शनिवार रात को गांव अलीकां में हुई वारदात के समय भी देखने को मिला। गांव अलीकां में शनिवार रात को हुए झगड़े में चले डंडों और ईंटों से आठ लोग घायल हो गए। झगड़े की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। सभी घायलों को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो लोगों को सिरसा रेफर कर दिया गया।
पीड़ित 28 वर्षीय रोशन ने बताया कि शनिवार रात लगभग दस बजे वह अपने भाई हरदीप को लेने के लिए अपने चाचा के घर जा रहा था। इसी दौरान गगन, ढल्ला, बग्घी और घाघू ने उसे घेर लिया। उससे मारपीट शुरू कर दी। शोर मचाने पर उसकी मां मनजीत कौर, चचेरा भाई राजा सिंह, चाचा दर्शन सिंह, मेजर सिंह और ताऊ का लड़का बलदेव वहां आ गए। उन्होंने हमलावरों से उसे छुड़वाने का प्रयास किया।
इसी दौरान गगन के कुछ अन्य साथी डंडों से लैस होकर वहां आ गए। आरोपियों ने उन सभी को पीट डाला। इधर दूसरे पक्ष के घाघू ने बताया कि उसका भाई ढल्ला रात को गली में से गुजर रहा था। इसी दौरान रोशन आदि ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला कर दिया। उन्होंने बीच-बचाव करके छुड़वाने का प्रयास किया तो आरोपी उन पर टूट पडे़। काला और थाना सिंह घायल हो गए। उपचार के लिए उन्हें डबवाली के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को सिरसा रेफर कर दिया।
यूं बढ़ा झगड़ा
दोनों पक्षों के घर आसपास हैं। घायल महिला मनजीत कौर ने बताया कि गगन की वजह से झगड़ा हुआ है। वह गांव के कुछ युवाओं को लेकर उसके घर के आगे बैठता है। युवक मोबाइल पर गाने बजाते हैं। उन्हें टोकने पर वे गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। इसी रंजिश में झगड़ा हुआ है।
कोट
शनिवार रात को झगड़े की सूचना मिली थी, लेकिन साधन न होने की वजह से मौके पर नहीं पहुंचा पाए। दोनों पक्षों के बयान कलमबद्ध करने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- भूप सिंह, एएसआई, थाना डबवाली
सूचना मिलने पर पुलिस कर्मचारी को मौके पर जाना चाहिए था। वे इस बारे में जांच करवाएंगे।
- भरतेंद्र सिंह ढिल्लो, थाना प्रभारी, डबवाली
दो वाहनों के भरोसे है सुरक्षा
गांव अलीकां शहर थाना के तहत आता है। थाने में मात्र दो वाहन हैं। एक वाहन शहर थाना प्रभारी और दूसरा वाहन गश्त के लिए है। दो वाहनों के भरोसे ही लोगों की सुरक्षा है।