ओढां। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर विकास कार्य ग्रांट के अभाव में अधर में लटक कर रह जाते हैं। इसके बाद विभाग द्वारा कोई ध्यान न दिए जाने के बाद आमजन को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाता। ऐसा ही एक कार्य गांव नुहियांवाली में पिछले करीब ढ़ाई सालों से अधर मेंं अटका है। पूर्ववर्ती पंचायत का कहना है कि जितनी ग्रांट आई थी, उतनी राशि खर्च कर दी। नई ग्राम पंचायत का कहना है कि इस बारे अधिकारियों से बात करेंगे। मौजूदा स्थिति ये है कि अधर में लटका ये शेड बेसहारा पशुओं की शरणस्थली बना हुआ है। आस-पड़ोस के लोग भी इसे अपने पशु बांधने में प्रयुक्त कर रहे हैं।
ग्रामीण पालाराम, मदन लाल, महेंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार व मांगेराम ने बताया कि यहां पुरानी सरकारी इमारत तोड़कर इस जगह पर करीब ढ़ाई वर्ष पूर्व सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए शेड का निर्माण करवाया गया। पंचायत ने शेड तो खड़ा कर दिया, लेकिन फर्श व ग्रिल आदि का कार्य अभी तक नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण पूरा न होने के कारण जगह बेसहारा पशु यहां बैठे रहते हैं। इसके चलते यहां पर गोबर व कूड़ा बिखरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने आमजन की सुविधा के लिए ये शेड बनवाया था, लेकिन अभी तक आमजन को इसकी कोई सुविधा नहीं मिल रही। उन्होंने पंचायत विभाग से मांग करते हुए कहा कि इस कार्य को पूर्ण करवाया जाए ताकि ये जिस उद्देश्य से बनना था वो पूरा हो सके। वहीं ये शेड खाली रहने के चलते लोग इस जगह को पशु बांधने या अन्य निजी कार्याें में प्रयुक्त कर रहे हैं। संवाद
इस शेड के लिए करीब 7 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। इससे अकेले शेड का ही निर्माण हो पाया। इसके बाद पंचायत का कार्यकाल पूर्ण होने के चलते ये कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। इस जगह पर इंटरलॉकिंग फर्श व कुछ अन्य कार्य होने हैं।
बाबू राम गेदर, पूर्व सरपंच
इस शेड के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई और कितनी खर्च हुई इस बारे हमें कोई जानकारी नहीं है। इस बारे अधिकारियों से बात करेंगे, ताकि ये अधूरा कार्य पूर्ण हो सके। सुनीता देवी, ग्राम सरपंच।