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Sirsa News: मॉक पोल देखकर कांग्रेस प्रत्याशी हुए नाराज, बंद करवाई प्रक्रिया, बोले- कोर्ट जाएंगे

Thu, 09 Jan 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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 वेयर हाउस से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत करते सर्वमित्र कंबोज।  संवाद 
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। लघु सचिवालय परिसर के वेयर हाउस में रानियां विधानसभा क्षेत्र के नौ बूथों के री-काउंटिंग के दौरान हाईप्रोफाइल ड्रामा हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी ने सर्वमित्र कंबोज जिला निर्वाचन आयोग के मॉक पोल के देखकर नाराज नजर आए और प्रक्रिया को बंद करवा दिया। उन्होंने उपायुक्त शांतनु शर्मा को लिखित में अपना शपथ पत्र दे डाला कि वे प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं है। वह अब कोर्ट में जाएंगे।

कांग्रेस प्रत्याशी सर्व मित्र कंबोज ने चुनाव के दौरान कुछ बूथों के वोटों में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए ईवीएम की दोबारा जांच करवाने की चुनाव आयोग से मांग की थी। वीरवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे कांग्रेस प्रत्याशी सर्वमित्र कंबोज, इनेलो से रानियां के विधायक अर्जुन चौटाला मौके पर पहुंचे। चुनाव कानूनगो देवेंद्र सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग के नियमानुसार प्रक्रिया शुरू की गई। कांग्रेस प्रत्याशी ने बूथ नंबर 149 और 151 की गणना की बात कही। मौजूदा विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी दोनों के सामने ही वेयर से दोनों बूथों की मशीनें निकलवाई गई। उनके सामने ही बहल से आए हुए इंजीनियर की टीम ने मशीनों का पुराना डाटा डिलिट किया और नए सिरे से सिंबल अपलोड किए। इसके बाद मशीन को शुरू किया गया तो एक-एक ही पर्ची निकाल गई। इस प्रक्रिया को देखकर कांग्रेस प्रत्याशी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें तो यह सोचकर फीस भरी थी कि जो पोल 2024 में मतदान हुआ था, उसकी गिनती करवाई जाएगी। न की मशीन की सीएंडवी करवाई जाएगी। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी को शपथ पत्र दिया कि वह आगे की प्रक्रिया नहीं करवानी चाहिए। ऐसे में अब यह प्रक्रिया खत्म हो गई है।
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मुझे पहले नहीं बताया किया मॉक पोल होगा : कांग्रेस प्रत्याशी

कांग्रेस प्रत्याशी सर्वमित्र कंबोज ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे पहले बताना चाहिए थे कि मॉक पोल है। उन्होंने कहा कि मुझे चार लाख रुपये भरने की जरूरत ही नहीं थी। पांच दिन का समय किस लिए लिया। मॉक पोल दिखाना है, नया डाटा दिखाना है तो मुझे एक ही मशीन बहुत थी। मैं 9 यूनिट की मांग ही नहीं करता। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं मान रहा। आप बोल कुछ और रहे हैं और प्रोसेस कुछ और है। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह नहीं दिखा रहे कि ईवीएम में डला क्या और वीवीपेट में क्या निकला। हमने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में एसओपी को चैलेंज किया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बताया है कि चेक एंड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया किस प्रकार होगी। यहां पर कुछ ओर ही किया जा रहा है। जो सवाल उठ रहे है वह बरकरार है। 21 तारीख को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करें। यह प्रक्रिया बंद करवा दी गई है।



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काले लिफाफे में होती हैं वीवीपेट की पर्चियां

अधिकारियों के अनुसार मशीन में मॉक पोल होते हैं। एक मशीन के अंदर 1400 वोट डाले जा सकते हैं। आपत्ति दर्ज करवाने वाला व्यक्ति 200, 300 कितनी भी वोट जांच सकता है। यदि किसी को वीवीपेट से वोट का मिलान करवाना होता है, तो उसे कोर्ट के आदेश लाने होते हैं। चुनाव के 45 दिन के अंदर कोर्ट में याचिका लगानी होती है। उन्होंने बताया कि वीवीपेट की पर्चियां काले लिफाफे में रखी जाती हैं। उन पर्चियों को तभी खोला जाता है, जब कोर्ट से आदेश लेकर कोई प्रत्याशी आता है।
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अर्जुन चौटाला ने ली चुटकी, बोले - दोनों बाबू बेटों ने किया नाश



अर्जुन चौटाला ने कहा कि सभी सोच रहे थे कि रि-काउंटिंग है। ऐसा नहीं है यह वेरिफिकेशन प्रोसेस है, जो सही पाया गया है। कांग्रेस की हार का हुड्डा साहब खुद पर इल्जाम लेना नहीं चाहते हैं। हुड्डा साहब की मजबूरी है। यह आरोप गलत पाया गया तो सारा आरोप उन पर आना है। जनता ने वोट किया है, चुनाव प्रोसेस पर उंगली कोई नहीं उठा सकता है। कुछ बूथों में स्वयं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहा हूं। विधायक ने कहा कि उनका मनाना है कि कांग्रेस अपनी हार मानो, अपनी गलतियों को सुधारो। एक आदमी के पीछे भागने से सरकार नहीं आएगी। जनता के बीच में रहना पड़ता है। इनको इस बात की समझ नहीं है। चुनावों के दौरान मैं हमेशा कहता था कि कांग्रेस की थाली बड़ी बड़ी है, लेकिन उसमें छेद है। जब तक छेद रहेगा तब तक कांग्रेस का कुछ नहीं बनेगा। दोनों बाबू बेटों ने कांग्रेस का नाश किया है।


चुनाव आयोग के निर्देशानुसार नियमों के तहत कार्यवाही पूरी की गई है। नियमों के खिलाफ मांग करने पर उसे पूरा करना संभव नहीं होता है। पंकज अग्रवाल

मुख्य चुनाव अधिकारी, हरियाणा।
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