सिरसा। नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर आ रही शिकायतों पर अधिकारियों ने संज्ञान लिया। नगर आयुक्त नेहा सिंह ने औचक निरीक्षण किया। जिससे नगर परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति मच गई। नगर आयुक्त ने जहां एक ओर अधिकारियों, कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए वहीं दूसरी ओर प्रॉपर्टी टैक्स समीक्षा और रिकवरी के तरीके को लेकर भी गहनता से जांच की। रजिस्टर खंगाले और समस्या लेकर आए आम लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने स्वयं कंप्यूटर सिस्टम भी जांचे।
नगर परिषद की ओर प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाता है। रिकवरी को लेकर इन दिनों प्रक्रिया चल रही है। साथ ही निजी एजेंसी द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे भी किया गया है। अब लोग मूल्यांकन नोटिस ठीक करवाने के लिए आ रहे हैं। इतना ही नहीं नगर परिषद की ओर से शहरवासियों को एसएमस भेजा गया जिसमें प्रॉपर्टी टैक्स और डेवलेपमेंट चार्ज जमा करवाने के आदेेश दिए। जबकि वे लोग पहले ही जमा करवा चुके थे। ऐसे में बड़ी संख्या में शहरवासी नगर परिषद कैंपस में आ गए। इस समस्या की ग्राउंड रिपोर्ट जानने के लिए नगर आयुक्त नेहा सिंह ने दोपहर करीब डेढ़ बजे औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण से मचा हड़कंप, इधर-उधर घूम रहे कर्मचारी आ बैठे सीटों पर
नगर आयुक्त सबसे पहले ईओ कार्यालय र्गईं। ईओ अवकाश पर थे तो वे पीछे की ओर बने कार्यालयों की ओर रवाना हो गईं। नगर आयुक्त सामान्य शाखा पहुंची और कामकाज का तरीका जाना। साथ ही उपस्थिति को लेकर भी जानकारी ली कि आखिर कर्मचारी कहां हैं। निरीक्षण की सूचना पर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और तेजी से कार्यालय पहुंचते हुए अपनी-अपनी सीटों पर बैठने शुरू हो गए। नगर आयुक्त सचिव के केबिन में गई तो वहां एक कर्मचारी कंप्यूटर पर बैठा काम करता नजर आया। आयुक्त ने पूछा कि क्या काम देखते हो। कर्मचारी ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी संबंधी कामकाज। इस पर नगर आयुक्त ने रजिस्टर मंगवाकर चेक किया और कंप्यूटर सिस्टम भी खंगाला। इतना ही नहीं ये भी पूछा कि यदि किसी प्रॉपर्टीधारक की आईडी बदली न हो तो टैक्स कैसे वसूलते हैं। साथ ही ये काम जल्द से जल्द पूरा करने के भी आदेश दिए। इसके बाद सफाई शाखा में जाकर स्थिति जानी और व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
प्रॉपर्टी संबंधी एसएमएस आने पर की जांच, पोर्टल खोलकर देखा
नगर आयुक्त जांच कते हुए स्वच्छ भारत मिशन के रूम में पहुंची। यहां से वे दूसरे कमरे में गई। यहां आए एक व्यक्ति ने नगर आयुक्त को बताया कि वे पहले ही डेवलपमेंट चार्ज और प्रॉपर्टी टैक्स भर चुके हैं। इसके बावजूूद उनके पास एसएमएस आया है। उन्होंने बताया कि लोन लिया था और लोन तभी मिलता है जब ये सब भर चुके हों। इस पर नगर आयुक्त ने कर्मचारियों से पूछा तो बताया कि पोर्टल में खामी आ गई लगता है। इसे जल्द ठीक करवाएंगे।
नागरिक सुविधा केंद्र का मिला सर्वर डाउन, नगर आयुक्त ने पूछा ऑनलाइन कैसे भरें
निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त नागरिक सुविधा केंद्र पहुंची। यहां जनता के बीच खड़ी होकर सीट पर बैठे कर्मचारी से पूछा कि टैक्स बताएं कि कितना है और कैसे भरें। इस पर विंडो संभाल रहे कर्मचारी ने बताया कि सर्वर डाउन है आज। नगर आयुक्त ने इसे गंभीरता से लिया और घूमकर भीतर की ओर चली गई। कंप्यूटर सिस्टम के पास जाकर कर्मचारी से बोली कि अब चलाओ। साथ ही ये भी पूछा कि इसे आम आदमी अपने मोबाइल पर कैसे चला सकते हैं।
नप ने भेजे बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के एसएमएस, लोगों में हड़कंप
नगर परिषद की ओर से शहरवासियों को एसएमस भेजे गए। इसमें कहा गया है कि प्रॉपर्टी टैक्स और डेवलपमेंट चार्ज बताया है। इसे तुरंत प्रभाव भरें। इस पर शहरवासियों में हड़कंप की स्थिति रही क्योंकि अधिकतर की शिकायत थी कि वे पहले ही टैक्स अदा कर चुके हैं। नगर परिषद करीब 89 हजार प्रॉपर्टी धारकों से टैक्स वसूलती है। दो दिन के दौरान किसी के पास 36 हजार, 478 तो किसी के पास 46 हजार रुपये के टैक्स जमा करवाए के मैसेज आए।
प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्या का ऑनलाइन करवा सकते हैं समाधान : नगरायुक्त
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जिला नगरायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि नागरिक अपने प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी शिकायतों का समाधान घर बैठे ऑनलाइन भी करवा सकते हैं। इसके लिए नागरिक मोबाइल पर एनडीसी हरियाणा पोर्टल पर अपने शिकायतें व आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। नगरायुक्त ने कहा कि आमजन की प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्याओं का समाधान उनके घर द्वार पर हो इसके लिए वार्ड अनुसार कैंप लगाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में आमजन को जागरूक किया जाएगा, ताकि लोगों को नगर परिषद कार्यालय आने की जरूरत ही न पड़े।