हरियाणा में पिछले सप्ताह जाट आरक्षण आंदोलन के चलते प्रदेश के जिन व्यापारियों, दुकानदारों तथा अन्य कारोबारियों को क्षति पहुंची है, उसका मुआवजा सरकार तुरंत दे।
जो व्यापारी प्रभावित हुए हैं, उनसे कम से कम दो साल तक कोई भी वैट टैक्स न लिया जाए और इनकम टैक्स में छूट दी जाए, ताकि वे अपने व्यापार को पुन: स्थापित कर सकें।
अगर सरकार ने तुरंत प्रभाव से मुआवजा न दिया तो हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल हरियाणा बंद करने पर मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रदेश में जाट आंदोलन की वजह से लूटपाट, आगजनी जैसी घटनाओं की व्यापार मंडल द्वारा कड़ी भर्त्सना करते हुए जिलाध्यक्ष हीरालाल शर्मा ने सरकार से मांग की है कि वे ऐसे सुरक्षा प्रबंध बनाए कि निकट भविष्य में किसी व्यापारी, दुकानदार आदि का नुकसान न हो।
उपस्थित व्यापारी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल इस तरह की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करता है और जिन व्यापारियों, दुकानदारों व अन्य संस्थानों को नुकसान पहुंचा है, उनके साथ सहानुभूति व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव मदद दिलवाने के लिए सरकार पर अपना दवाब बनाएगा।
इस संबंध में व्यापारी प्रतिनिधियों की प्रदेश स्तरीय एक बैठक 25 फरवरी को प्रदेशाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग के नेतृत्व में होगी, जिसमें अहम फैसला लिया जाएगा।
शर्मा ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल प्रभावित व्यापारियों के साथ है। बैठक में सभी व्यापारी प्रतिनिधियों ने इस घटना को लेकर रोष व्यक्त किया। बैठक में सरकार से मांग की गई है कि जिन व्यापारियों, दुकानदारों का नुकसान हुआ है, उनकी पूर्ण रूप से तुरंत प्रभाव से भरपाई की जाए।
इस संबंध में सरकार तुरंत प्रभाव से एक आंकलन कमेटी का गठन करें, जिसमें व्यापार मंडल के प्रतिनिधि भी शामिल किए जाए। शर्मा ने बैठक के माध्यम से चेताया कि अगर प्रभावित व्यापारियों को तुरंत प्रभाव से मुआवजा न दिया गया, तो हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल हरियाणा बंद करने पर मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
शर्मा ने कहा कि जो व्यापारी प्रभावित हुए हैं, उनसे कम से कम दो साल तक कोई भी वैट टैक्स न लिया जाए और इनकम टैक्स में छूट दी जाए, ताकि वे अपने व्यापार को पुन: स्थापित कर सके। बैठक में फैसला लिया गया कि प्रधानमंत्री, हरियाणा के राज्यपाल व मुख्यमंत्री को उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर भी यह मांगे की जाएगी।