संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। गांव नुहियांवाली में पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर सामूहिक रूप से निर्णय लिया है। अब गांव में घर-घर जाकर दान, चंदा या दक्षिणा मांगने वालों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में मांगने पर कुछ नहीं मिलेगा। इसके साथ ही पंचायत ने पानी की बर्बादी पर भी सख्ती दिखाई है। गांव में पानी की भारी किल्लत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि जो भी व्यक्ति अपने घर में सप्लाई के दौरान नल खुला छोड़कर पानी व्यर्थ बहाएगा, उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि फसली सीजन के दौरान भगवा वस्त्र पहनकर, धार्मिक संस्थाओं या एनजीओ के नाम पर अनाज, आटा और पैसे मांगने वालों की भरमार लग जाती है। इनकी आड़ में कई असामाजिक तत्व गांव में घुसपैठ कर रेकी करते हैं और फिर चोरी या लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
पंचायत का कहना है कि ग्रामीण दान-पुण्य के विरोध में नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर वे मंदिरों, गोशालाओं या अन्य धार्मिक स्थलों पर स्वयं जाकर दान करेंगे, लेकिन अब कोई भी व्यक्ति घर पर आकर मांग करेगा तो उसे कुछ नहीं दिया जाएगा।
वहीं दूसरा फैसला ये लिया गया कि पानी की भारी किल्लत को देखते हुए जो व्यक्ति अपने घर में पानी की सप्लाई को खुला छोड़कर पानी को व्यर्थ बहाएगा उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। सरपंच प्रतिनिधि आत्माराम ने बताया कि पंचायत या ग्रामीण किसी संस्था या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, लेकिन गांव में सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीणों ने मिलकर ये फैसला लिया है।
सरपंच प्रतिनिधि आत्माराम ने बताया कि यह फैसला किसी संस्था या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि गांव की सुरक्षा और संसाधनों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से लिया है।