शीत लहरों का सिलसिला जारी है। ठंड इतनी बढ़ गई है कि दिन में भी लोग ठिठुरते नजर आए। पारा कम होने के कारण दोपहर को भी ठंड से ठिठुरन रहती है। शुक्रवार की दोपहर को धूप तो निकली पर ठिठुरन पर विराम नहीं लग पाया। आज अधिकतम तापमान 13 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री तापमान रहा।
पिछले 10 दिनों से लगातार कड़ाके की ठंड जारी है। कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। अब पशु-पक्षियों के लिए भी ठंड आफत बनने लगी है। आवारा पशुओं को कड़ाके की ठंड से बचने के लिए ठिकाना नहीं मिल रहा है। पक्षियों को भी ठंड से बचने के लिए ठौर-ठिकानों के लाले पड़ गए हैं।
ठंड से पक्षी मरने लगे हैं। स्कूली बच्चों को सुबह-सवेरे कड़ाके की ठंड में घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कामकाजी लोग भी सुबह-सवेरे कंबलों में लिपटे हुए घरों से निकलते हैं। कुछ लोग दिन भर घरों में दुबके रहते हैं। ठंड के कारण बीमारियां भी बढ़ने लगी है।
कड़ाके की ठंड के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट कर दिया है। लोग अलाव जला कर ठंड से बचने का प्रयास करते देखे जा रहे हैं।
ठंड ने फिर से लिया यू् टर्न
रानियां। तापमान में गिरावट आने के साथ ठंडी हवाएं लोगों को ठिठुरा रही है। तेज हवा ने लोगों कंपकंपी छुड़ा दी। दिनभर लोग अलाव के सामने नजर आए।
बढ़ती ठंड से किसानों के चेहरे खिल गए हैं, क्योंकि इससे फसलों को। जनवरी माह समाप्त होने को है और अभी भी मौसमे में उथल-पुथल चल रही है। कभी सुबह को कोहरा तो कभी दिन में मौसम का मिजाज गरम हो रहा है।