संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सीएम के आदेश पर प्रदेश में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए 29 फरवरी तक अभियान चलाया जाना है, लेकिन सिरसा जिले में यह अभियान अब तक शुरू नहीं हुआ है। हालात यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों और पशुपालन विभाग के आपसी तालमेल की कमी के कारण गोशालाओं में भेजने वाले पशुओं की सूची तक बन नहीं पाई। वीरवार को अभियान का अंतिम दिन है और नगर परिषद अधिकारियों ने अभियान शुरू करने को लेकर 29 फरवरी को ही पशुपालन विभाग के अधिकारियों और गोशालाओं की बैठक बुलाई है। ऐसे में सीएम के आदेश भी अधिकारियों के सामने हवा-हवाई हो गए।
मुख्यमंत्री से लेकर शहरी निकायमंत्री के आदेशों के बावजूद पशु पकड़ो अभियान को लेकर अधिकारी लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाए हुए हैं। दो माह पहले आखिरी बार नगर परिषद की ओर से पशु पकड़ो अभियान चलाया गया था। तीन दिन चले इस अभियान में दो सौ पशु पकड़े गए थे। इसके बाद गोशालाओं और नंदीशालाओं के पशु नहीं लेने पर अभियान को बंद कर दिया गया। इसके बाद से अभियान बंद पड़ा है। जबकि पशु पकड़ने के लिए ठेकेदार तैयार है।
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पशु मेले में हो गए व्यस्त
पशु पालन विभाग के अधिकारी महेंद्रगढ़ के जांट पाली में होने वाले पशु मेले की तैयारियों में जुटे हुए थे। जिले से कई बेहतर नस्ल के पशुओं को लेकर पशु पालन विभाग के अधिकारी पशुपालकों के साथ मेले में पहुंचे हैं। इसके साथ ही पशुपालकों को मेले में जाने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया है। इसी कार्य में व्यस्त होने के कारण पशु पालन विभाग के अधिकारी किस गोशाला में पशुओं की कितनी मांग है, उसकी सूची उपलब्ध करवाने में ढिलाई बरत गए।
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बेसहारा पशुओं को लेकर वीरवार यानी 29 फरवरी को पशु पालन विभाग और गोशाला संचालकों की बैठक बुलाई जाएगी। उच्चाधिकारी इनकी बैठक लेंगे। इसके बाद ही अभियान को शुरू किया जाएगा। हमारी ओर से अभियान को लेकर पूरी तैयार की जा चुकी है। पशुपालन विभाग सूची उपलब्ध करवा दें। हम अपना अभियान शुरू कर देंगे। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी।
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बेसहारा पशुओं को पकड़ने में कोई परेशानी नहीं है। एक माह में सभी पशु पकड़कर गोशालाओं में पहुंचा दिए जाएंगे। हमें बस गोशालाओं की सूची दे दे, जहां पर पशु पहुंचाने है। - कुलदीप सिंह, ठेकेदार