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हर वर्ष लाखों पेड़ लगाने के दावे, फिर भी खाली रह जाते सड़कों व नहरों के किनारे

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सिरसा से रंगड़ी व जमाल रोड पर सूख चुके पेड़ जहां नहीं लगे नए पौधे। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। जिले को हरा भरा बनाने के लिए हर वर्ष वन विभाग मानसून में लाखों में पौधरोपण करता हैं। लेकिन इसके बावजूद भी जिले में वनक्षेत्र का दायरा बढ़ता हुआ नजर नहीं आ रहा। सड़कों व नहरों के किनारे आज भी सूखे हुए पेड़ दिखाई दे जाएंगे या वह जगह ही खाली पड़ी होगी।
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बीते वर्ष वन विभाग की तरफ से करीब 5 लाख पौधे लगाए गए व 6 लाख पौधे लोगों को फ्री वितरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष भी विभाग का दावा है कि नर्सरी में 16 लाख पौधे तैयार किए जा चुके हैं। जिन्हें जून व जुलाई के दौरान मानसून में लगाया जाएगा। विभाग की तरफ से सरकारी भूमि पंचायत भूमि, नहरों व सड़कों के किनारों पर पेड़ लगाए जाते हैं। विडंबना की बात है कि हर वर्ष विभाग पौधरोपण को एक अभियान के तौर पर चलाता है। जिनमें इन खाली जगहों पर पौधे लगाए जाने के दावे किए जाते हैं। परंतु जमीनी हकीकत कुछ और है।
सिरसा से रंगड़ी व जमाल रोड पर गायब हो चुके पेड़
सिरसा से रंगड़ी व जमाल रोड पर इस समय अनेक जगहों पर पेड़ सूख चुके हैं। क्योंकि यहां बकरियांवाली व धिंगतानियां के बीच काफी तादाद में इंडस्ट्री लग चुकी है। जिनके आगे पेड़ों की संख्या कम दिखाई देती है। जहां पर विभाग की तरफ से नए पेड़ भी नहीं लगाए गए हैं। इससे साफ साबित होता है कि विभाग के जो दावे है कहीं न कहीं उनके आंकड़ों व हकीकत में काफी असमानता है। वहीं जिला भर में सड़कों व नहरों के किनारे काफी संख्या में पेड़ गायब हो रहे हैं। इनमें सूखे पेड़ तो गायब होते ही है साथ में निर्माण कार्य के दौरान भी काफी पेड़ काटे जा रहे हैं।
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जिले का वन क्षेत्र
जिले का कुल क्षेत्रफल 4277 वर्ग किलोमीटर है जिनमें से 655.57 हेक्टेयर में वन क्षेत्र है। जिले में 1981 में 1.12 फीसदी भूमि पर वन थे। इसके बाद 2001 से इसमें कमी आती रही। अगर आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2000-2001 में जिले में वन विभाग द्वारा लगाए गए नंबरिग वाले 6 लाख 19 हजार 302 पेड़ थे, जो वर्ष 2005-06 में कम होकर 5 लाख 49 हजार 988 रह गए। इसके बाद वृक्षों की संख्या कुछ बढ़ी। मगर जिस हिसाब से पौधरोपण किया गया वैसे उनकी संख्या नहीं बढ़ी। इसका कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई होना है और उनकी जगह पर नए पौधे तो लगाए जाते हैं लेकिन उनकी सही से देखभाल नहीं होने से वे खत्म हो जाते हैं।
1981 से 2011 के बीच वन क्षेत्र की स्थिति
1981 में जिले में 1.12 फीसदी भूमि पर वन
1991 में भी 1.12 फीसदी भूमि पर वन
2001 में 1.10 फीसदी भूमि पर वन
2011 में 1.00 फीसदी भूमि पर वन
अगर हम अंडर कंट्रोल ट्री एरिया की बात करें तो पेड़ों की संख्या क्षेत्रफल कम हुआ है। लेकिन इस समय नहरों व सड़कों के निर्माण की वजह से पेड़ों की काफी कटाई हुई है। इस हिसाब से वन क्षेत्रफल घटा है। अंडर कंट्रोल ट्री मुख्य रूप से वे पेड़ आते है जो सरकारी जमीन व आम लोगों के घरों में या बाहर लगे होते हैं। नंबरी लगे पेड़ों की संख्या जिले में करीब 12 लाख है, जो सड़कों व नहरों के किनारे पर लगे हुए हैं। इस वर्ष अप्रैल माह में नया सर्वे किया जाएगा। जिसके बाद पेड़ों की वास्तविक संख्या का पता लगेगा।
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-नवल किशोर, डीएफओ, सिरसा।
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