23 फरवरी को शहीदे आजम भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की जयंती पर दशहरा ग्राउंड में होने वाले समागम को लेकर किसान संगठनों में मतभेद हैं। शनिवार को अलग-अलग जगहों पर किसान संगठनों ने मीटिंग की। भावदीन टोल प्लाजा पर कमेटी ने टोल पर अजीत सिंह व शिवाजी छत्रपति महाराज की जयंती मनाने का फैसला लिया। उन्होंने दशहरा ग्राउंड में आयोजित सम्मेलन में भाग न लेने का फैसला किया। इसी प्रकार से हरियाणा किसान सभा की महत्वपूर्ण बैठक लक्ष्मण सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सभा द्वारा सम्मेलन में भाग न लेने का फैसला किया गया। इससे पहले किसान जत्थेबंदियों के मतभेद के चलते ही राकेश टिकैत की महापंचायत रद्द हुई थी।
जिले में करीब 18 जगहों पर किसान संगठनों द्वारा लंगर व धरने दिए जा रहे हैं। इन जगहों पर धरना व लंगर चला रही कमेटियों ने शनिवार को फैसला लिया कि वे पगड़ी संभाल जट्टा किसान आंदोलन के संचालक एवं शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की जयंती पर पगड़ी संभाल दिवस अपने धरने पर ही मनाएंगे। भावदीन टोल प्लाजा पर धरना कमेटी ने मीटिंग करके निर्णय लिया कि वे 23 फरवरी को दशहरा ग्राउंड में आयोजित समागम में शामिल नहीं होंगे। टोल प्लाजा पर ही अजीत सिंह व छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाएंगे।
वहीं, शनिवार को हरियाणा किसान सभा की महत्वपूर्ण बैठक लक्ष्मण सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में गहन विचार विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शहीद ए आजम भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की जयंती पर सिरसा में आयोजित होने वाले 23 फरवरी के कार्यक्रम में यदि अलग-अलग जगह पर संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के कुछ किसान नेताओं को बुलाया जाता है, तो उसमें हरियाणा किसान सभा के नेता शामिल नहीं होंगे। इसलिए हरियाणा किसान सभा जिला सिरसा में किसान एकता को सर्वोपरि मानते हुए एक ही महानायक के नाम पर जिला में अलग-अलग स्थानों पर होने वाले ऐसे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होगा।
वरिष्ठ नेता स्वर्ण सिंह विर्क ने कहा कि किसान महापंचायत के नाम पर हो रही गुटबाजी से संघर्षशील जनसमुदाय खुद को आहत महसूस करता है। हरियाणा किसान सभा ने संयुक्त किसान मोर्चा के बड़े नेताओं से अपील की है कि निचले स्तर पर कोई भी कार्यक्रम बनाते हुए व्यापक किसान एकता को ध्यान में रखें। हरियाणा किसान सभा जिला सिरसा किसान मोर्चा के बैनर तले सभी किसान संगठनों में कार्यकर्ताओं को एकजुट होने की अपील भी करता है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय किसान नेता शहीदे आजम के चाचा की जयंती पर अपनी राजनैतिक रोटियां सेंक रहे हैं। इस बैठक में स्वर्ण सिंह विर्क, तिलकराज विनायक, डॉ सुखदेव सिंह जम्मू, रोशन सुचान, बलराज बणी, हरदेव जोश, विक्रम झोरड़नाली, अजीत सिंह व विजय कुमार भी मौजूद थे।
हरियाणा किसान मंच के नेता चला रहे हैं अभियान
दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शहर के दशहरा ग्राउंड में 23 फरवरी को शहीदे आजम भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की जयंती पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि जिले के सातों ब्लॉकों में किसानों की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जोकि गांव-गांव व घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं और कार्यक्रम में आने के लिए आमंत्रित कर रही हैं। सुरजीत सिंह बेगू, सुखमिंद्र सिंह धर्मपुरा, दलीप सिंह रायपुर, दलजीत सिंह रंगा, सतपाल सिरसा, बनवारी लाल फौजी, रूप सिंह नागोकी जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं। वहीं रानियां में हैप्पी सिंह, हरजिंद्र सिंह नानूआना, वेदप्रकाश चामल, राकेश दहिया, चन सिंह, कालांवाली में भी लक्खा सिंह अलीकां, गुरदीप बाबा, कुलवीर सिंह, निर्मल थिराज, दर्शन सिंह, सुच्चा सिंह पटवारी प्रचार में लगे हुए हैं। भारूखेड़ा ने बताया कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दिग्गज किसान नेता दलबीर सिंह राजेवाल, कुलवंत सिंह संधू, रूलदू मानसा, मनजीत धनेर, डा. दर्शनपाल, जोगेंद्र सिंह उम्रा व शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह भी शिरकत करेंगे।
नेताओं की गुटबाजी के चलते 22 फरवरी को होने वाला टिकैत का कार्यक्रम हुआ था रद्द
कुछ दिनों पहले सिरसा में किसान महापंचायत का आयोजन 22 फरवरी को किया जाना था। इस पंचायत में राकेश टिकैत ने शामिल होना था, लेकिन हरियाणा किसान मंच ने कार्यक्रम के लिए जगह शहीद भगत सिंह स्टेडियम तय कर दी। दूसरे किसान नेताओं को यह बात उचित नहीं लगी। इस संबंध में गुरुद्वारा साहिब में मीटिंग भी हुई। परंतु प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा गुट के पदाधिकारियों ने मीटिंग में भाग नहीं लिया। इसके बाद महापंचायत रद्द कर दी गई। वहीं चौटाला में किसान प्रदीप गोदारा ने बोलते हुए कहा कि चौधरी राकेश टिकैत की 22 फरवरी को सिरसा में रैली होनी थी। किसान प्रदीप गोदारा ने बताया कि इस रैली के संबंध में हमने सिरसा की अनाज मंडी में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाना था। चौटाला की पंचायत के आग्रह पर इनको समय दिया है। प्रदीप गोदारा ने कहा कि हम राकेश टिकैत की रैली अनाज मंडी में ही करवाना चाहते हैं इस बीच आपसी सहमति ना होने के कारण यह प्रोग्राम स्थगित करना पड़ा।