बिजली निगम के एसडीओ से लेकर अधीक्षक अभियंता अब गांवों में जाकर दरबार लगाएंगे। मौके पर ही अधिकारी बिजली उपभोक्ताओं के बिजली के बिल, मीटर कनेक्शन और अन्य बिजली संबंधी समस्याओं का निवारण करेंगे। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम हिसार सर्कल ने आठ अप्रैल को सभी अधीक्षक अभियंता को ये पत्र जारी कर किया है। इस योजना का नाम ‘नो योर बिल’ है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण का मानना है कि बिल, मीटर और अन्य शिकायतों के कारण उपभोक्ताओं को प्रताड़ना सहनी पड़ रही है। इसलिए बिजली निगम ने ‘नो योर बिल’ योजना लांच की है। इसके तहत प्रत्येक शुक्रवार को एसडीओ अपने कार्यालय में उपस्थित होगा। सुबह दस बजे से लेकर दो बजे तक वह बिजली, मीटर, कनेक्शन और सरचार्ज जैसी शिकायतों को सुनेगा और मौके पर ही उनका समाधान करेगा।
इसके अतिरिक्त हर शनिवार को बिजली निगम के एसडीओ गांव में दरबार लगाएंगे। यह दरबार दस बजे से लेकर एक बजे तक होगा। एसडीओ, जेई, सीए, लेजर क्लर्क इस टीम में शामिल होंगे और उपभोक्ता की बिजली बिल, मीटर, कनेक्शन विवाद और सरचार्ज का मौके पर ही निपटारा करेंगे। यदि एसडीओ उस दिन उपस्थित नहीं है तो सीनियर जेई ग्राम दरबार लगाएगा।
कार्यकारी अभियंता और एसई भी लगाएंगे ग्राम दरबार
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता हर 14 दिनों बाद ग्राम दरबार लगाएंगे। ऐसे में महीने में दो बार दरबार लगाया जाएगा। जबकि अधीक्षक अभियंता महीने में एक बार ग्राम दरबार लगाएंगे। कार्यकारी अभियंता व अधीक्षक अभियंता इस दिन कोई बैठक नहीं रखेंगे।
ग्राम स्तर पर दरबार लगाएं जाएंगे। खुद वे भी महीने में एक बार सर्कल स्तर पर दरबार आयोजित करेंगे।
- चंद्रशेखर जाखड़, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम सिरसा।