सिरसा शहर में डबवाली रोड पर छाई धुंध में आवागमन करते हुए वाहन।
सिरसा। जिले में वीरवार को सुबह धुंध का असर देखने को मिला। इस दौरान सुबह पांच से सात बजे तक दृश्यता शून्य रही। सुबह सात बजे बाद दृश्यता धीरे-धीरे ठीक हुई और 12 बजे धूप निकली। दृश्यता शून्य होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों की गति धीमी हो गई।
सुबह 20 से 30 की स्पीड पर वाहन चलते हुए नजर आए। इस दौरान दुपहिया वाहन चालकों के वाहन ठंड और धुंध के कारण चलाना मुश्किल हो गया। वहीं, धुंध के कारण नागरिक अस्पताल में बच्चा वार्ड में 15 बच्चे भर्ती हैं। मुख्य रूप से खांसी, जुकाम और बुखार से ग्रस्त हैं।
जहां पर नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। दूसरी ओर रेलगाड़ियों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक घंटे से लेकर दो घंटे की देरी से रेलगाड़ियां चलीं। इस कारण यात्री धुंध और ठंड में बैठे रेलगाड़ियों का इंतजार करते रहे। वीरवार को सात से आठ रेलगाड़ियां आधे घंटे से लेकर दो घंटे की देरी से चली। जैसे-जैसे धुंध का असर बढ़ेगा। सबसे ज्यादा रेलगाड़ियां प्रभावित होंगी।
3.6 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान : नये साल के दूसरे दिन धुंध व ठंड के कारण न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री पहुंच गया। सर्द हवाओं ने मौसम में ठंडक बनाए रखी। दोपहर में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया। इतना ही नहीं, वीरवार को रात 8 बजे बाद ही ग्रामीण क्षेत्र में धुंध का असर शुरू हो गया। जिले के ग्रामीण इलाके के मुकाबले शहरी क्षेत्र में धुंध का असर देखने को मिला। शहरी क्षेत्र में भी सुबह 10 बजे तक धुंध छाई रही।