फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर वासियों को हर रोज चाहिए तीन करोड़ 62 हजार लीटर पानी

Fri, 24 Mar 2017 12:05 AM IST
amarujala/Sirsa
विज्ञापन
विज्ञापन
गर्मी की दस्तक के साथ ही शहर में पेयजल व्यवस्था चरमराने लगी है। हालात गंभीर होने की संभावना है, क्योंकि नहरी पानी की किल्लत रहेगी। सिंचाई विभाग ने आने वाले दिनों में नहरों में पानी की कमी को लेकर सूचित पहले से ही कर दिया था। अब केवल ट्यूबवेलों के सहारे ही लोगों को पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। भूजल के स्तर एवं पानी के नमूने फेल होने के कारण अब 125 में से 84 ट्यूबवेल ही चालू हालत में रह गए हैं। अब गर्मी में यह संख्या और भी कम होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को पेयजल संकट के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
विज्ञापन

हर वर्ष की भांति इस वर्ष गर्मियों में पेयजल कि हाहाकार मचने वाला है। अब गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं तो पानी की खपत भी बढ़ने लगी है। अभी से शहर में पेयजल आपूर्ति की किल्लत होने लगी है। सिंचाई विभाग द्वारा गर्मियों में नहरी पानी कम आने की सूचना के बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने भी आपूर्ति में नहरी पानी की कमी कर दी है। अब 75 प्रतिशत से अधिक आपूर्ति ट्यूबवेलों के पानी से हो रही है। आने वाले दिनों में संकट गहराएगा। हर रोज शहर में तीन करोड़ 62 हजार लीटर पानी की आपूर्ति की जरूरत है। अब इतने पानी की आपूर्ति ट्यूबवेलों के सहारे संभव नहीं होगी। बताया जा रहा है कि शहर में 125 ट्यूबवेलों के जरिये पेयजल आपूर्ति दी जा रही थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर माह पानी के सैंपल भरे जाते हैं, जिसमें पानी पीने लायक न होने पर ट्यूबवेल को बंद दिया जाता है। अब 84 ट्यूबवेल चालू हालत में हैं। जो ट्यूबवेल चालू हालत में हैं, उनका पानी भी भूजल गिरने के कारण कम हो रहा है। यह समस्या जुलाई तक निरंतर बढ़ेगी। ऐसे में लोगों को पेयजल की भारी किल्लत के लिए तैयार रहना होगा। अब नहरी पानी कम होने के कारण ट्यूबवेलों से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गर्मियों में पानी की खपत बढ़ेगी, लेकिन आपूर्ति कम होगी तो ऐसे में किल्लत होना स्वाभाविक है।

शहर वासियों को इन जलघरों से पानी की आपूर्ति
बता दें कि 84 ट्यूबवेलों के अलावा पंजुआना पेयजल परियोजना, चतरगढ़ पट्टी जलघर और मिनी बाईपास रोड स्थित जलघर से शहर में पेयजल आपूर्ति दी जाती है। इससे पूर्व माह में दो सप्ताह नहर में पानी आता था और दो सप्ताह ही नहर में बंदी आती थी, लेकिन अब एक सप्ताह पानी आने के बाद 16 दिन तक बंदी रहेगी। ऐसे में नहरी पानी की आपूर्ति हर रोज संभव नहीं होगी।
विज्ञापन


जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रकाश वीर का कहना है कि नहरी पानी कम होगा तो ट्यूबवेलों के जरिये भी आपूर्ति की जाएगी। ऐसे में ट्यूबवेलों की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। नहरों में पानी कम आने के कारण स्वाभाविक है कि नहरी पानी की आपूर्ति कम हो पाएगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें