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डिलीवरी के एक घंटे बाद जच्चा-बच्चा को दी छुट्टी, बच्चे की मौत

Fri, 29 Jul 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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बच्‍ची - फोटो : amar ujala
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चोपटा सीएचसी में तीन माह में हुई कई नवजात बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग हरकत में नहीं आया है। वहां डिलीवरी होने के छह घंटे बाद फिर से एक नवजात मौत के आगोश में समा गया। नवजात के परिजनों ने मौत के लिए ड्यूटी पर नियुक्त स्टाफ नर्स को दोषी ठहराते हुए आरोप लगाया है कि डिलीवरी के महज एक घंटे बाद ही उन्हें जबरदस्ती छुट्टी देकर घर भेज दिया। परिजनों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री को करने की धमकी दी है।
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जानकारी के अनुसार गांव गुंसाईयाना निवासी हरी सिंह की पुत्रवधू कमलेश को बुधवार की रात को प्रसव पीड़ा हुई। अपने निजी वाहन से रात करीब साढ़े नौ बजे चोपटा सीएचसी के डिलीवरी हट पहुंचे। रात करीब सवा 10 बजे कमलेश ने लड़के को जन्म दिया। कमलेश के पति राजेश ने आरोप लगाया कि डिलीवरी हट में ड्यूटी के दौरान नियुक्त स्टाफ नर्स ने उन्हें सवा 11 बजे बोला कि सामान्य डिलीवरी हुई है, वो घर जा सकते हैं।

राजेश का आरोप है कि उन्होंने स्टाफ नर्स को बोला कि उनका खुद का वाहन है वो सुबह चले जाएंगे, लेकिन स्टाफ नर्स ने कहा कि नहीं अभी चले जाए। घर पहुंचने के बाद रात करीब तीन बजे बच्चे की तबियत खराब हो गई। गांव से आरएमपी डॉ. को बुलाकर उसे दिखाया। डॉ. ने कहा सफाई अच्छे से न होने के कारण बच्चे की सीना बंद है। उसके कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई।
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अपनी मर्जी ये ले गए थे परिजन जच्चा-बच्चा को : स्टाफ नर्स
कमलेश की डिलीवरी करवाने वाली स्टाफ नर्स निर्मला का कहना है कि डिलीवरी के बाद परिजनों ने अपनी मर्जी से छुट्टी ली थी, जिसके लिए बाकायदा रजिस्टर में हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा भी था कि सुबह चले जाना, लेकिन परिजनों ने बोला नहीं हम तो अभी जाएंगे। इस संबंध में जब सिविल सर्जन डॉ. सूरजभान कंबोज से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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