सिरसा। तेजाखेड़ा फार्म हाउस पर 3 बजकर 50 मिनट पर पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को मुखाग्नि दी गई। सर्दी का मौसम के कारण दिन भी तेजी से ढल रहा था। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की चिता की आग के साथ साथ दिन भी ढल गया । ऐसे में 89 साल के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला भी पंचतत्व में विलीन हो गए।
वहीं, दूसरी ओर मुखाग्नि की प्रक्रिया पूर्ण होने पर परिवार के सभी लोग घर के अंदर चले गए। बाहर से आए कार्यकर्ताओं को अभय सिंह चौटाला ने आग्रह किया कि सभी लोग प्रसाद लेकर जाएंगे। इस दौरान परिवहन मंत्री अनिल विज पहुंचे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और कुछ देर तक दोनों भाइयों के साथ बातचीत की। इस दौरान सभी लोग वहां पर मौजूद रहे।
हर कोई एक दूसरे को किस्से सुनाने में लगा रहा
पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला का कार्यकाल लोगों की जुबान पर याद था। किसी ने उन्हें करीब से देखा था तो किसी ने उनके किस्से सुने थे। ऐसे में हरियाणा के हर कोने से आए लोगों ने एक दूसरे के साथ ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल की चर्चा की। कैसे वह प्रशासनिक अधिकारियों के काम करवाते थे। कैसे हर कार्यकर्ता को उनके नाम से बुलाते थे और पहचानते थे। 89 साल की उम्र भी उनके याद्दाश्त सही बनी हुई थी। कोई उनके राजनीतिक जीवन की चर्चा कर रहा था तो कोई उनके प्रशासनिक जीवन की। दोनों परिवारों के अलग होने की चर्चाएं भी लोगों की जुबान पर रहीं। कुछ लोग कयास लगाते हुए भी नजर आए कि शायद अब दोनों परिवार आपस में एक हो सकते हैं। हर तरह की चर्चाएं अंतिम यात्रा के दौरान वहां पर लोगों में हुई।
मुख्यमंत्री ने झुककर चौधरी बिरेंद्र सिंह का किया अभिवादन
कांग्रेस के दिग्गज नेता चौधरी बिरेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री नायब सिंह की मुलाकात बेहद अलग अंदाज में रही। मुख्यमंत्री के सामने जब चौधरी बिरेंद्र सिंह आए तो वह दोनों हाथ जोड़कर गर्दन झुका गए। इस पर चौधरी बिरेंद्र सिंह ने मुस्कुराकर उनकी पीठ थपथपाई और गले लगाया। दोनों आपस में दूसरे को देखकर मुस्कुरा दिए।
इस प्रकार रही पुलिस सुरक्षा
अंतिम यात्रा को लेकर बड़े स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। तीन बैरियर पुलिस की ओर से लगाए गए थे। तेजाखेड़ा आवास पर आने वाले रास्ते में पहले बैरियर पर ही आमजन के वाहनों को रोका गया था और पार्क करवाया गया था। उसके बाद पुलिस व अन्य मौजिज लोगों के वाहनों को लेकर नाका लगाया गया था। विशेष रूप से पार्किंग बनाई गई थी। इसके बाद घर के अंदर बैरिकेड लगाए थे और आमजन के लिए दर्शन के लिए अलग से रास्ता बनाया गया था। वहीं, हाईवे से तेजाखेड़ा तक पुरी तरह से पुलिस मुस्तैद रही थी और एक हजार के आसपास जवान ड्यूटी पर थे। अंतिम संस्कार के दौरान विशेष रूप से सुरक्षा घेरा पुलिस ने बनाया था ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।