संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के परिवार ने निकाय चुनाव से पूरी तरह से दूरी बना ली है। विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जजपा) को मिली हार के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला राजनीतिक तौर पर सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की रस्मक्रिया में ही पूरा परिवार एक साथ दिखाई दिया था। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की विरासत उनके बेटे चौधरी अभय सिंह चौटाला को मिल गई है।
प्रदेश के पूर्व बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह भी निकाय चुनाव से दूरी बनाए रखे हैं। चौटाला परिवार के अचानक पूरी तरह से सिरसा शहर की राजनीति में सक्रियता नहीं होने के कारण पार्टी कार्यकर्ता भी निराश हैं। रानियां विधानसभा क्षेत्र से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला जरूर निकाय चुनाव में अपने अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ओम प्रकाश कमेटी वाले का नामांकन भरवाने जरूर आए थे। ऐसे में जजपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार और इनेलो प्रत्याशी ओम प्रकाश कमेटी वाले अकेले ही अपने दम पर चुनाव प्रचार करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इनेलो से चार बार बने हैं अध्यक्ष
इनेलो के शहर की राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने हलोपा को समर्थन दिया था। दोनों एक मंच नजर आए थे। शहर की छोटी सरकार में इनेलो की भागीदारी हमेशा से रही है। चार बार इनेलो का प्रधान भी पालिका व परिषद के हाथों में ही रहा है। इनेलो का अच्छा खासा वोटबैंक शहर में है। ऐसे में राजनीतिक तौर पर सक्रिय नहीं होने से इनेलो के वजूद पर सवालिया निशान लग रहा है।
जजपा ने कार्यकर्ताओं की मांग पर उतारा था प्रत्याशी
नगर परिषद चुनाव में जननायक जनता पार्टी ने प्रत्याशी मैदान में उतारने की कोई योजना नहीं बनाई थी। कार्यकर्ताओं ने निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी उतारने की इच्छा जताई थी। इस पर चौधरी अजय सिंह चौटाला से पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की थी। इनकी स्वीकृति के बाद जजपा ने प्रत्याशी के तौर पर प्रवीण कुमार को उतारा है। प्रत्याशी उतारने के बाद स्थानीय नेता व कार्यकर्ता भी दमखम के साथ प्रचार प्रसार करते हुए नजर नहीं आए।
आखिरी वक्त में मिली ओमप्रकाश को इनेलो से अनुमति
इनेलो से चुनाव लड़ने की इच्छा जताने वाले ओमप्रकाश कमेटी वाले ने पहले कांग्रेस के लिए आवेदन किया था। कांग्रेस से सूची जारी होने के बाद कई आवेदनकर्ताओं को मायूसी हाथ लगी थी। लंबे समय तक कमेटी में कार्य करने के चलते इनेलो के नेताओं के साथ उनकी अच्छी जान पहचान थी। ऐसे में वह नामांकन के आखिरी दिन इनेलो का सिंबल प्राप्त करने में कामयाब रहे थे।
उपमुख्यमंत्री व पूर्व बिजलीमंत्री ने शहर में नहीं किया कार्य
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शहर में विकास कार्य को लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखाई। पूर्व बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने भी विकास कार्यों को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब विधायक गोकुल सेतिया के कार्यकाल में दोनों नेताओं के आवास से हिसार रोड को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण किया जाएगा। बुधवार को जनसभा में स्वयं विधायक गोकुल सेतिया ने वीवीआईपी कॉलोनियों की सूची जारी की थी। यही कारण है कि दोनों दिग्गज नेता चुनाव मैदान से गायब हैं। पूर्व बिजली मंत्री सिरसा में भले ही रहते हों, लेकिन शहर के विकास से कहीं ज्यादा अपने विधानसभा क्षेत्र रानियां के विकास को प्राथमिकता दी।