सिरसा। आंदोलन स्थगित होने के बाद रविवार को किसानों ने शहर में नाचते-गाते हुए विजय जुलूस निकाला। चार घंटे तक चले जुलूस में किसान ट्रैक्टर और अन्य वाहनों पर सवार होकर शहर अलग-अलग चौक चौराहों पर पहुंचे। शहर वासियों ने भी पुष्प वर्षा कर किसानों का जोरदार स्वागत किया। किसानों ने चौक चौराहों पर जमकर आतिशबाजी भी की।
किसान सुबह 10 बजे शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में चल रहे पक्का मोर्चा धरना स्थल पर एकत्र हुए। किसानों ने आंदोलन में सबसे आगे रहे किसानों को हार पहनाकर हौसला बढ़ाया। दोपहर साढ़े 12 बजे फूलों से सजे हुए ट्रैक्टर और अन्य वाहनों पर सवार होकर किसान खेल स्टेडियम में रवाना हुए। किसान बैंड बाजा साथ लेकर नाचते गाते हुए रवाना हुए और एक दूसरे को गले लगाकर बधाई देते हुए नजर आए। वहीं शहर के चौक चौराहों पर शहर वासियों ने किसानों पर फूलों की वर्षा की और जश्न मनाया। इस मौके पर हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि ये आंदोलन दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन था। केंद्र की भाजपा सरकार ने बिना राज्यों की मंजूरी व किसान संगठनों से बातचीत के पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए अंदर खाते तीन कृषि कानून बना दिए। जिनसे किसान व किसानी दोनों को खतरा था। देश का जागरूक किसान सरकार की मंशा को भली भांति भांप गया और उसने किसान व किसानी को बचाने के लिए दिल्ली में मोर्चा डाल दिया। भारूखेड़ा ने बताया कि सिरसा में मंच द्वारा शहीद भगत सिंह स्टेडियम में पक्का मोर्चा लगाया गया था। जहां पर किसान लगातार जमे रहे। इस आंदोलन में देश के तमाम किसानों, मजदूरों, व्यापारियों यहां तक के आम नागरिक ने भी अपना सहयोग तन-मन-धन से दिया। जिसकी बदौलत सरकार को झुकना पड़ा और प्रधानमंत्री ने स्वयं तीनों कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। इस मौके पर सतपाल सिरसा, गुरदीप बाबा, कुलबीर सिंह लहंगेवाला, बलजीत सिंह, दीवान सिंह, विनोद कुमार, छोटा सिंह प्रधान आदि उपस्थित रहे।
सोमवार को खेल स्टेडियम में रखा जाएगा अखंड पाठ
कृषि कानूनों के रद्द और आंदोलन स्थगित होने की खुशी में सोमवार को शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में किसान अखंड पाठ रखेंगे। बुधवार को अखंड पाठ का भोग डाला जाएगा। जिसके बाद शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम और अन्य स्थानों पर लगे पक्के मोर्चों से धरना स्थलों को स्थगित किया जाएगा। वहीं भावदीन और खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर भी दिल्ली से लौटने वाले किसानों का जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली से लौटने वाले किसानों के जत्थों के लिए लंगर, चाय और पानी की सेवा भी ग्रामीणों की तरफ लगाई जा रही है।
यह रहा किसानों का रूट, बनी जाम की स्थिति
दोपहर साढ़े 12 बजे किसानों का जत्था शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम से रवाना हुआ और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से होते हुए महिला थाना के समक्ष से किसान चौक तक पहुंचा। यहां पर किसानों ने चौक पर पुष्प अर्पित किए। चौक के पक्के निर्माण को लेकर कई किसानों ने दान भी दिया। इसके बाद महाराणा प्रताप चौक से हिसार रोड के बस स्टैंड से ओवरब्रिज, आंबेडकर चौक, परशुराम चौक, शहीद भगत सिंह चौक, घंटाघर चौक, रानियां गेट, रानियां चुंगी से होते हुए वापस आईटीआई रोड वाल्मीकि चौक, शिव चौक से होते हुए अनाज मंडी, कपास मंडी से जनता भवन रोड, जगदेव चौक, सांगवान चौक, सुरखाब चौक, बस स्टैंड से बरनाला रोड, बाबा भूमण शाह चौक से वापस शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में किसानों की विजय यात्रा का समापन हुआ।
दिल्ली बॉर्डरों से गांवों में पहुंचे किसान, फूलमाला पहनाकर जोरदार किया स्वागत
डबवाली, रानियां, गोरीवाला, ओढां। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आंदोलन की समाप्ति के बाद गांव मट्टदादू सहित आसपास के किसानों ने शनिवार को घर वापसी की। जहां किसान नेता गाड़ी व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर गांव चोरमार स्थित गुरुद्वारा साहब के समीप ग्रामीणों ने उनका फूल मालाएं पहनाकर भव्य अभिनंदन किया।
काफिला गांव चोरमार से जंडवाला, मलिकपुरा, गोरीवाला, झुट्टीखेड़ा से मट्टदादू पहुंचा। गांव में पहुंचने पर ब्लॉक समिति के पूर्व मेंबर रणदीप सिंह मट्टदादू ने पुष्प वर्षा करके उनका अभिनंदन किया और सभी को लड्डू खिलाकर उनका मुंह मीठा करवाया। इस मौके रणदीप सिंह मट्टदादू ने कहा कि किसान अन्नदाता है और हमारा किसान हमारे देश की शान है। कानून वापस लेने के फैसले से आमजन में खुशी का माहौल है। आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को नमन करते हुए कहा कि हमारे गांव के किसान जगसीर सिंह धालीवाल भी इनमें एक हैं।
रानियां क्षेत्र में भी किसानों को जोरदार किया स्वागत
किसान आंदोलन स्थगित होने के बाद टिकरी बॉर्डर से वापस लौटे रानियां क्षेत्र किसान सुरेंद्र सिंह विर्क, जसवंत विर्क, सुखदेव सिंह विर्क, मंगल विर्क, गगनदीप विर्क, जयचंद, अजमेर, अमरीक सिंह, अमनदीप, गुरप्रीत, मनप्रीत ने बताया कि सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने अपने टेंट उखाड़ कर वहां साफ सफाई की और अनेक जगहों पर पौधरोपण भी किया। टिकरी बॉर्डर पर किसानों की ओर से स्वच्छता को देखते हुए सफाई व पौधरोपण किया गया। 11 दिसंबर को दिल्ली से किसानों ने अपने गांवों तक फतेह मार्च के साथ वापसी की है। सिंघु और टिकरी बॉर्डर से किसान एक साथ हरियाणा व पंजाब के लिए वापस रवाना हुए। किसान टिकरी बॉर्डर से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर रानियां पहुंचे। रानियां पंहुचने से पहले गांव गोबिंदपुरा में ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत किया गया।
डबवाली में किसानों ने निकाली विजय यात्रा
आंदोलन स्थगित होने के बाद डबवाली की बिश्नोई धर्मशाला में रविवार को बिश्नोई समाज ने दिल्ली से लौटे डबवाली इलाके के किसान प्रतिनिधियों का भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया। इस मौके पर दिल्ली से लौटे किसानों को फूल मालाएं पहनाई व सभी ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दी। किसानों ने बिश्नोई धर्मशाला से विजय यात्रा शुरू की और बस स्टैंड, मलोट रोड, सब्जी मंडी में होते हुए शहीद भगत सिंह चौक पर पहुंचे जहां सभी जत्थेबंदियों ने शहीदों को माल्यार्पण कर नमन किया। इसके बाद मेन रोड, गोल बाजार से होते हुए गांधी चौक में पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद रेलवे फाटक से अनाज मंडी रोड, अनाज मंडी बी ब्लॉक से होकर शहीद माता अमृता देवी रोड होते हुए वापस बिश्नोई धर्मशाला में पहुंचकर श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
अनाज मंडी में किसानों का मुनीम एसोसिएशन ने किया स्वागत
किसानों को मिली जीत पर अनाज मंडी मुनीम एसोसिएशन द्वारा रविवार को दिल्ली से लौटे राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रधान जसवीर सिंह भाटी व अन्य किसान प्रतिनिधियों का डबवाली अनाज मंडी के बी-ब्लॉक में गर्मजोशी के साथ जोरदार स्वागत किया गया। मुनीम एसोसिएशन के प्रधान मुकेश जोशी ने किसान नेताओं को फूल मालाएं पहनाई व केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानून सहित अन्य मांगें पूरी होने पर किसान नेताओं को बधाई देते हुए खुशी का इजहार किया गया। इस अवसर पर किसान नेता जसवीर भाटी ने यूनियन प्रधान मुकेश जोशी को भी सम्मानित किया व एसोसिएशन के सभी सदस्यों को भी आंदोलन में सहयोग के लिए धन्यवाद किया। इस मौके पर अजय शर्मा, सुभाष ग्रोवर, सतीश ग्रोवर, मुख्य प्रवक्ता कुलविंदर जोईया, संगठन मंत्री अजय भांड आदि मौजूद रहे।
किसानों का ओढां में पुष्प वर्षा के साथ स्वागत
दिल्ली से लौट रहे किसानों का गांव ओढां में भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान किसानों ने खीर व जलेबी का लंगर लगाया। किसानों पर पुष्प वर्षा व गुलाल उड़ाने के अलावा डीजे की थाप पर भंगड़े डालते हुए शानदार स्वागत किया। किसान नेता कौर सिंह कुंडर, केवल मल्हान, मंदर सिंह सरां, मंजीत महराजका व गुरमेल सिंह सालमखेड़ा ने कहा कि उनकी ये बड़ी जीत है। इस जीत का श्रेय किसानों की एकता को जाता है। ये एकजुटता का ही परिणाम है कि सरकार को झुकना पड़ा। ओढां निवासी किसान सुभाष व पंजाब के गांव दानेवाला निवासी किसान बलकरण सिंह 380 दिन बाद दिल्ली धरने से अपने घर लौटे।
जीत के जश्न में किसान 15 दिसंबर को ऐलनाबाद में निकालेंगे पैदल यात्रा
ऐलनाबाद। तीन कृषि कानूनों की वापसी व किसान आंदोलन की जीत हो जाने की खुशी में ऐलनाबाद किसान संयुक्त मोर्चा की तरफ से 15 दिसंबर बुधवार को एक पैदल यात्रा निकाली जाएगी। किसान नेता सरबजीत सिंह सिधू ने बताया कि तीन कृषि कानूनों का वापिस होना किसान आंदोलन की एक बहुत बड़ी जीत है और किसान आंदोलन को देशभर में हर वर्ग का सहयोग मिला। किसान आंदोलन की जीत में ऐलनाबाद किसान संयुक्त मोर्चा की तरफ से बुधवार 15 दिसंबर को जीत का जश्न मनाते हुए ऊधमसिंह चौक से लेकर आंबेडकर चौक तक एक पैदल यात्रा निकाली जाएगी और लड्डू बांटे जाएंगे। किसान नेता सिधू ने बताया कि किसानों की यह पैदल यात्रा शहर के उधम सिंह चौक से सुबह 10 बजे शुरू हो कर मुख्य बाजारों से होती हुई आंबेडकर चौक पर समाप्त होगी।
ढोल और बैंड बाजे के समक्ष नाचते हुए किसान। - फोटो : Sirsa
विजय यात्रा के दौरान ओवरब्रिज पर बनी जाम की स्थिति। - फोटो : Sirsa
ओवर ब्रिज से विजय यात्रा निकालते किसान। - फोटो : Sirsa
शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते किसान नेता व अन्य।- फोटो : Sirsa
किसानों का स्वागत करते बिश्नोई सभा के सदस्य।- फोटो : Sirsa
धरने से लौटे किसानों का स्वागत करते ओढां के किसान। - फोटो : Sirsa