चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय के लॉ विभाग को बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने पिछले तीन साल के लिए मान्यता दे दी है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने आगामी तीन साल की मान्यता के लिए भी काउंसिल के पास आवेदन कर दिया है।
सीडीएलयू के लॉ विभाग में तीन वर्षीय लॉ, पांच वर्षीय बीएएलएलबी, एलएलएम और पीएचडी कोर्स है। इन कोर्स के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता लेनी होती है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम तीन साल के लिए मान्यता प्रदान करती है। इसके लिए वे संस्थान का दौरा करती है। सीडीएलयू के लॉ विभाग को वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 के लिए मान्यता मिली है। इसके लिए फरवरी 2020 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने विश्वविद्यालय का दौरा किया था। टीम में रिटायर्ड जज, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पदाधिकारी और लॉ संस्थान की फैकल्टी शामिल होती है। फरवरी में जिस समय टीम ने दौरा किया था तो उन्होंने लॉ की लाइब्रेरी में प्रत्येक बेयर एक्ट रखने का सुझाव दिया था। हालांकि सभी पुस्तकें लाइब्रेरी में उपलब्ध थीं, लेकिन लाइब्रेरी कर्मचारी उन्हें रखकर ही भूल गया था। साथ ही टीम ने मूक कोर्ट की कार्रवाई भी देखी थी। विश्वविद्यालय ने पिछले तीन साल की मान्यता मिलने के बाद अब वर्ष 2020-21, 21-22 और 2022-23 के सत्र की मान्यता के लिए आवेदन किया है।
लॉ की लाइब्रेरी के लिए खरीदी जाएगी आठ लाख की पुस्तकें
लॉ विभाग ने लाइब्रेरी के लिए नए सेशन में आठ लाख रुपये की पुस्तकें खरीदने का ऑर्डर दिया है। पिछले वर्ष करीब पांच लाख रुपये की पुस्तकें खरीदी थी। ऐसे में इस वर्ष विश्वविद्यालय पुस्तकों की की संख्या में वृद्धि कर रहा है।
प्रत्येक में 120 सीटें की अप्रूवल
विश्वविद्यालय के लॉ विभाग में तीन वर्षीय लॉ, पांच वर्षीय बीएएलएलबी और एलएलएम के लिए 120 सीटों की अप्रूवल है। मगर विश्वविद्यालय ने तीन कोर्स में 60, 60 सीटें ही रखी है।
कोट
लॉ विभाग को तीन साल के लिए मान्यता मिल गई है। अब अगले तीन साल की मान्यता के लिए भी आवेदन कर दिया है।
- प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक, वीसी, सीडीएलयू।