ठेका प्रथा, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने और निजीकरण के विरोध में जिले भर से 500 के लगभग बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने जिले के 13 सब स्टेशनों पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। सभी क्षेत्रों में दिनभर बिजली सप्लाई सुचारु रूप से जारी रही।
बुुधवार को ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर तथा एचएसईबी डिप्लोमा इंजीनियर हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारी 24 घंटे के लिए हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने बस स्टैंड के समक्ष स्थित सब डिविजन के गेट पर धरना दिया। वहीं कर्मचारियों ने एक्ट 2021, बिजली विभाग का निजीकरण करने का जमकर विरोध किया। इस मौके पर प्रदेश मुख्य सलाहकार इंद्रजीत असीजा, जोनल ऑर्गेनाइजर गोपाल मोहन उपाध्याय, प्रधान सुनील, सचिव हरमीत सिंह, जेई बाबूलाल, विक्रमजीत सिंह, हवा सिंह, देवी प्रसाद, हजूरा सिंह व छोटूराम, सुरजीत सिंह बेदी, करनी सिंह भाटी, अविनाश कंबोज, सुखदेव सिंह, मदन सिंह कंबोज, कुलवंत भांभू भी मौजूद थे।
13 सब डिविजनों पर कर्मचारियों ने जताया विरोध
हड़ताल की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ ने की। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव मदन लाल कंबोज, राजेश भाकर, सुभाष ढाल ने बताया कि मांगों को लेकर कर्मचारियों ने 13 सब डिविजनों पर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। बुधवार सुबह 10 बजे से वीरवार सुबह 10 बजे तक कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी।
यह रहीं मुख्य मांगे
- ठेका प्रथा समाप्त कर कच्चे कर्मचारियों को पे रोल पर रखकर स्थायी करना
- बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने का विरोध
- पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करना
- सरकार से एलटीसी बहाली और जबरन सेवानिवृत्ति पर रोक लगाने
- कोविड के चलते कर्मचारियों के रोके गए टीए, डीए व अन्य भत्तों को जारी करना।
- तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए
- बिजली संशोधन बिल वापस लिया जाए।
- श्रम कानूनों में किए गए मजदूर-कर्मचारी विरोधी बदलाव रद्द किए जाएं।
- जनता को सस्ती व 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाए।
सामान्य रही स्थिति
एसडीओ, जेई, लाइनमैन, हेल्पर्स और अन्य कर्मचारी हड़ताल पर रहने के कारण स्थिति सामान्य रही। हालांकि दिनभर करीब 50 शिकायतें बिजली सेवा केंद्र पहुंची। हालांकि ठेका प्रथा के तहत लगे कर्मचारी शिकायतों को निपटाते रहे। जिलभर 1502 कर्मचारी बिजली निगम में कार्य करते हैं। जिनमें से बिजली निगम के अंतर्गत 757 कर्मचारी है और 745 कर्मचारी आउटसोर्सिंग के तहत कार्य कर रहे हैं।