सामान्य अस्पताल में डिलीवरी के दौरान बच्चा बदलने के मामले में एक नया मोड़ आया गया है। दूसरी महिला अंजली अपने बच्चे को अस्पताल में छोड़कर चली गई है।
इससे नवजात बच्ची ‘नसीबो’ के बाद अंजली का बेटा ‘शिव’ भी नर्सरी के अंदर स्टाफ के भरोसे ही है। ‘नसीबो’ की मां सुमन तो शुरू से ही उसे अपनाने और दूध पिलाने से इंकार कर चुकी थी,
लेकिन अब इस विवाद में ‘शिव’ भी मां के दूध से वंचित हो गया है। जब तक डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आती दोनों नवजात बच्चे सिविल अस्पताल में ही रहेंगे।
सुमन ने अंजली के साथ बच्चा बदले जाने की शिकायत की है। अब उनके डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने पर ही मामले की सच्चाई सामने आएगी। रिपोर्ट आने में काफी समय लग सकता है। ऐसे में दो बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा हुआ है।
पति के साथ मजदूरी करती है अंजली
बच्चे को अस्पताल में छोड़कर जाने वाली गांव करीवाला निवासी अंजली पति लछमण के साथ मजदूरी करती है। पूरे परिवार का पालन पोषण दोनों की मजदूरी पर ही टिका है।
अगर वह रिपोर्ट आने तक दो माह अस्पताल में रहती है तो परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। ऐसे में एक मजदूरी करने वाली मजबूर मां को दिल पर पत्थर रखकर अपने लाडले को छोड़कर अस्पताल से जाना पड़ा।
यह था मामला
19 अक्टूबर की शाम साढे़ पांच बजे सिविल अस्पताल में एक साथ तीन महिलाओं की डिलीवरी हुई। इसमें गांव कुतियाना निवासी राजू की पत्नी सुमन व बिहार निवासी लछमण की पत्नी अंजली भी शामिल थी।
राजू का कहना है कि डिलीवरी स्टाफ ने उन्हें बाहर आकर कहा कि बधाई हो आपके लड़का हुआ है, लेकिन बाद में लड़की दी।
अब सुमन बेटी को अपनाने व उसे दूध पिलाने से साफ इंकार कर दिया। 28 अक्टूबर को पुलिस की मौजूदगी में दोनों नवजात बच्चों व उनकी माताओं का डीएनए सैंपल लिया गया और उसे जांच हेतु मधुबन लैब में भेज दिया गया।