रानियां स्थित अनाज भंडारण गोदामों से करीब 38 लाख का अनाज गायब होने के मामले में एएफएसओ और निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। मामले का खुलासा चंडीगढ़ से आई विशेष टीम क ी जांच के बाद हुआ था। टीम ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ गबन का मामला दर्ज करने की अनुशंसा की है। इससे पहले खाद्य आपूर्ति विभाग के नियंत्रक रामअवतार का खाद्य आपूर्ति अधिनियम में कोताही करने के आरोप में तबादला किया जा चुका है।
गोदाम से गेहूं गायब होने की सूचना पर चंडीगढ़ से डिप्टी डायरेक्टर एनके गोयल की अगुवाई में एक टीम रानियां पहुंची। जांच के बाद अधिकारियों ने गेहूं का स्टॉक पूरा करने की मोहलत दी थी। विभागीय अधिकारियों ने चकमा देने की कोशिश की। कागजों में स्टॉक पूरा दर्शा दिया गया।
जांच में मामला सामने आया। इस गोदाम की जिम्मेदारी एएफएसओ पटेल कुमार तथा इंस्पेक्टर राजेश कुमार की थी, इसलिए इन दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है। बताया जाता है कि रानियां स्थित गोदाम से लगभग 38 लाख रुपये का गेहूं गायब हो गया। दूसरी बार आई जांच टीम की पैनी निगाह से यह चोरी छिप नहीं पाई और 38 लाख रुपये से अधिक का गेहूं कम मिला।
इस मामले में जांच टीम ने जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ गबन का मामला दर्ज करने की भी अनुशंसा की है। इससे पहले डीएफएससी रामअवतार यादव ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम को जिला में समुचित ढंग से लागू नहीं किया और इसे लागू करने की रिपोर्ट मुख्यालय में नहीं भेजी। इसकी वजह से उनका स्थानांतरण कर दिया गया और उनके स्थान पर दीवानचंद शर्मा को कार्यभार सौंपा गया है।
रविवार तक का समय दिया है
इस मामले पर जिला खाद्य सुरक्षा नियंत्रक दीवानचंद शर्मा का कहना है कि चंडीगढ़ सें आई टीम की जांच के अनुसार दोनों अधिकारियों का निलंबन कर दिया गया है। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए रविवार तक का समय दिया गया है। ऐसे में अगर उन्होंने स्टॉक पूरा नहीं किया तो नियम के अनुसार उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।