सिरसा। सरसों की खरीद आढ़तियों के माध्यम से करने तथा गेहूं पर पूरा कमीशन देने की मांग पर सोमवार को आढ़ती एसोसिएशन ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना दिया। एसोसिएशन के प्रधान मनोहर मेहता की अगुवाई में आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया। आढ़तियों ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद आढ़तियों ने दोपहर 12 बजे के बाद निजी तौर पर सरसों की खरीद की।
प्रधान मनोहर मेहता ने कहा कि सरकार आढ़तियों के साथ ज्यादती कर रही है। उनके कारोबार को बंद करने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार वर्षों से बने हुए किसान, आढ़ती और मजदूर के रिश्ते को तोड़ने का प्रयास कर रही है। यदि आढ़त का काम बंद हो गया तो हरियाणा के 25000 आढ़ती है। उनके साथ साथ लाखों मुनीम मजदूर भी बेरोजगार होकर अपने घरों को बैठ जाएंगे। जिससे प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ जाएगी।
उन्होंने बताया पिछले काफी वर्षों से एसोसिएशन का संघर्ष जारी है, लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है। आढ़तियों की मांग है कि किसानों की सभी फसलें जैसे कॉटन, सरसों, सूरजमुखी, बाजरा आदि और अन्य सभी फसलें सरकार द्वारा एमएसपी पर उनके माध्यम से ही खरीदी जाए। आढ़तियों को 2.5 प्रतिशत आढ़त मिलनी चाहिए। जो कि गेहूं पर लगभग 57 रुपये व धान पर लगभग 56 रुपये बनती है। पिछले चार वर्षों से सरकार द्वारा गेहूं पर 46 और धान पर 45.88 रुपये फिक्स आढ़त दी जा रही है जो की बहुत कम है।
उन्होंने बताया कि मंडी में सभी प्रकार की फसलों की बोली दोपहर 12 बजे के बाद ही होगी। धरना-प्रदर्शन में एसोसिएशन के उपप्रधान प्रेम बजाज, सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष कुणाल जैन, सह सचिव महावीर शर्मा, सुशील कस्वां, बाबा रामदास, पूर्व प्रधान सुरेंद्र मिचनाबादी, पूर्व प्रधान हरदीप सरकारिया, विजय चौधरी, चिमन मोंगा, धर्मपाल जिंदल, हनीश गर्ग, अंकित अरोड़ा, संजय जैन, नरेंद्र धींगड़ा, सरदार प्रकार सिंह, राजेंद्र नंबरदार, सुधीर ललित, कृष्ण गोयल, हन्नी अरोड़ा आदि मौजूद रहे।