सिरसा। हरियाणा के साथ लगते राज्यों से मंडियों में सरसों को बेचने की कवायद सालों से चल रही है। ऐसा इसलिए हरियाणा में सरसों की एमएसपी अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा है। ऐसे में इस बार मंडी में सरसों को लेकर प्रशासन ने सख्ती कर दी है। मंडी में गेट पास यानी टोकन लेने के लिए आने वाले प्रत्येक किसान की खेती संबंधी डाटा वेरीफाई किया जा रहा है। जिस किसान की आईडी देकर गेट पास बनाया जाता है, मार्केट कमेटी के कर्मचारी उससे फोन पर बात करते हैं। संबंधित महिला या पुरुष से सरसों की बिजाई और एकड़ संबंधी डाटा लेते हैं। डाटा सत्यापित होने के बाद ही संबंधित किसान की सरसों का गेटपास जारी करते हैं। अगर जानकारी सही नहीं होती है तो उक्त शख्स को बिना टोकन दिए लौटा दिया जाता है।
सोमवार को कुछ ऐसे ही मामले मार्केट कमेटी कार्यालय में देखने को मिला। जब सचिव से सरसों के गेटपास न काटे जाने को लेकर किसान आपत्ति दर्ज करवाते नजर आए। सचिव वीरेंद्र मेहता ने कहा कि फसल मालिक की सत्यापन के आधार पर ही सरसों का गेट पास जारी होगा। भले ही जमीन की मालिक महिला हो। महिला की स्वीकृति के बाद ही गेटपास जारी किया जाएगा।
बता दें कि सरसों की बिजाई के संबंध में आंकड़े कृषि विभाग के पास होते है। कृषि विभाग की ओर से मेरी फसल मेरा ब्नोरा पोर्टल पर ही सरसों की फसल का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। ऐसे में सरसों फसली सीजन में कितनी होगी, इसका संभावित आंकड़ा प्रदेश सरकार के पास आ जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इस आंकड़े में बड़े स्तर पर अंतर देखने को मिला है। इसलिए इस बार पूरी तरह से सत्यापन के बाद ही किसान को टोकन दिया जा रहा है। मेरी फसल मेरा ब्योरा का रजिस्ट्रेशन करवाने के उपरांत भी मार्केट कमेटी प्रशासन मालिक से बात कर उसकी सत्यापन करता है। जिससे सरसों का रजिस्ट्रेशन सही है या गलत है, इसका पता लग जाता है। इसका यह लाभ होगा कि मंडी में सरसों की आवक व एकड़ का पता प्रशासन को लग जाएगा।
स्पेशल काउंटर बनाया
मार्केट कमेटी की ओर से फसल सत्यापन को लेकर विशेष काउंटर बनाया गया है। इस काउंटर का कार्य टोकन लेने के लिए आने वाले किसानों के रजिस्ट्रेशन की जांच करना है। काउंटर से सत्यापन के बाद ही किसान को टोकन दिया जाता है।
यह है सरसों खरीद की व्यवस्था
सरसों खरीद के लिए जिले में 14 खरीद केंद्र बनाए गए है। उनमें से अभी तक 10 में खरीद हुई है। सोमवार को 26,810 क्विंटल सरसों की खरीद हुई।
कोट्स
सरसों खरीद का कार्य जारी है। सत्यापन के बाद ही टोकन दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गेहूं खरीद की तैयारियां पूरी है। 10 अप्रैल के आसपास ही मंडियों में गेहूं आएगी। सोमवार को मंडी में गेहूं नहीं पहुंची।
-वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी