संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ब्रेल लिपि सीखने के बाद दृष्टिबाधित सुरेश कुमार बैंक में हेल्प डेस्क से दूसरों की सहायता कर रहे हैं। वे बैंक में सामान्य कर्मचारियों की तरह काम करते हैं। बचपन में क्रिकेट खेलते समय गेंद लगने के बाद उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी। इसके बाद ब्रेल लिपि उनका सहारा बनी है।
हर वर्ष चार जनवरी को विश्व लुई ब्रेल दिवस मनाया जाता है। दृष्टिबाधित लोगों के लिए संजीवनी साबित हुई ब्रेल लिपि ब्रेल की तरफ से बनाई गई थी। इससे सीखने के बाद दृष्टिबाधित लोग पढ़ने और कार्य करने सक्षम हो पाते हैं। शहर के एलआईसी रोड पर स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक में तैनात अधिकारी सुरेश कुमार भी ब्रेल लिपि की सहायता से बैंक संबंधित हर प्रकार का कार्य करने में सक्षम हैं। सुरेश कुमार 12 वर्ष की आयु में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान गेंद लगने के कारण उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। पांचवीं से 12वीं कक्षा तक उन्होंने विशेष स्कूल में शिक्षा ग्रहण की और इसके बाद हिसार के सामान्य कॉलेज में अपनी बीए और भिवानी के सामान्य कॉलेज में बीएड की पढ़ाई ग्रहण की।
विशेष स्कूल में आठ वर्ष तक रहे संगीत के शिक्षक
शहर के मिनी सेक्टर निवासी दृष्टिबाधित सुरेश कुमार पहले सिरसा के ही हेलन केलर विशेष स्कूल में वर्ष 2017 तक संगीत के शिक्षक रहे। इस दौरान उन्होंने विशेष बच्चों को बेहतर संगीत सिखाया। सुरेश कुमार का एक विद्यार्थी शेर सिंह टैलेंट शो में अपनी प्रतिभा दिखा चुका है, जबकि दूसरा विद्यार्थी हरप्रीत सिंह सीडीएलयू में संगीत माध्यम में टॉपर रहा।
टेक्नॉलॉजी ने समस्या को कर दिया हल : सुरेश
सुरेश कुमार ने बताया कि आज की टेक्नॉलॉजी ने उनकी हर प्रकार की समस्या का हल कर दिया है। ऑडियो, वीडियो के साथ-साथ आज कई तरह की ऐसी एप भी आ चुकी हैं, जिनके माध्यम से वह हर प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एंड्रायड फोन, कंप्यूटर, फाइलों सहित अन्य कई तरह के कार्य भी वह आसानी से करते हैं।
नेत्रहीन जागृति संघ के रह चुके हैं जनरल सेक्रेटरी
सुरेश कुमार ने बताया कि वह नेत्रहीन जागृति संघ के जनरल सेक्रेटरी भी रह चुके हैं। उनकी तरफ से नेत्रहीन सहित अन्य दिव्यांगों की मांगों को भी उठा चुके हैं। मंत्रियों के समक्ष उनके विशेष बच्चे अपनी बेहतर प्रस्तुति दे चुके हैं। अब वह बीते पांच वर्षों से बैंक में लोगों के खाते खोलने, उनके कैश, चेक, सहित अन्य हर प्रकार के कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित होने के बाद भी वह लोगों को अधिकार दिलवाने और सामाजिक कार्य करवाने के लिए आगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी व्यक्ति विशेष है तो उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है। सरकार की ओर से भी विशेष लोगों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।