किसानों-मजदूरों से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) 5 अगस्त को सिरसा में किसानों और मजदूरों की मांगों को लेकर प्रदर्शन करेगी। इस संबंध में गांव जलालआना में रविवार को बैठक हुई। बीकेई के वरिष्ठ नेता बंता सिंह वडिंग और माना सिंह ने प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान किया।
नेताओं ने बताया कि 5 अगस्त को सुबह 10:30 बजे किसान और मजदूर जाट धर्मशाला में एकत्रित होंगे। इसके बाद वे उपायुक्त कार्यालय तक मार्च निकालेंगे। जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को मांग-पत्र सौंपा जाएगा।
बंता सिंह वडिंग ने कहा कि खरीफ-2020 में नरमा फसल खराब होने का मुआवजा हजारों किसानों को नहीं मिला है। कालांवाली, डबवाली और गोरीवाला तहसीलों के किसान छह वर्ष से मुआवजे से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में लंबित मुआवजे का शीघ्र भुगतान प्रमुख मांग रहेगी।
प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय मांगें
प्रदर्शन के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को रद्द करने की मांग उठेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की कानूनी गारंटी भी मांगी जाएगी। किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्जमाफी, बिजली संशोधन विधेयक और सीड्स बिल वापस लेने की मांगें भी शामिल हैं। माना सिंह ने पर्याप्त नहरी पानी, निर्बाध बिजली आपूर्ति और समय पर खाद उपलब्ध कराने की बात कही। यूरिया घोटाले के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और लंबित फसल बीमा क्लेम जारी करने जैसी स्थानीय समस्याएं भी उठाई जाएंगी। दोनों नेताओं ने जलालआना और आसपास के किसानों से प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की।