रानियां। लंगर सेवा लगाता मेहरा परिवार व अन्य। संवाद
रानियां। गांव जगजीत नगर में मेहरा परिवार ने शहीद बाबा मोती मेहरा की याद में चाय व पकोड़ों का लंगर लगया। इस अवसर समस्त मेहरा परिवार व संगत ने शहीद बाबा मोती राम मेहरा व उनके परिवार को शीश झुकाकर नमन किया और अरदास विनती की। इस मौके पर सरदार ठाकुर सिंह ने बताया कि बाबा मोती राम मेहरा सिख धर्म के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के एक समर्पित शिष्य थे।
उन्होंने अपने जीवन के जोखिम की परवाह किए बगैर सरहिंद के मुगल गवर्नर वजीर खान द्वारा ठंडा बुर्ज नजरबंद किए गए स्थान में प्रवेश करने और गुरु गोबिंद के परिवार में माता गुजरी, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को तीन रातों के लिए दूध पिलाने में कामयाब रहे। नवाब वजीर को जब इस बात का पता लगा तो गवर्नर ने बाबा मोती राम मेहरा से सारी बात पूछी।
इस पर बाबा मोती राम मेहरा ने निडरता से बताया कि उसका नजरबंद बच्चों व दादी की सेवा करना पवित्र कर्तव्य था। इसलिए उसने बिना किसी मौत के डर से पूरा किया। पूरा वृतांत सुनने पर नवाब के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई और उसने बाबा मोती राम मेहरा, उनकी मां, पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर कोहलू में दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। ठाकुर सिंह ने बताया कि पूरा परिवार व ग्रामवासी प्रतिवर्ष शहीदी दिवस पर लंगर सेवा लगाकर गुरु साहेबानों को नमन करता है। इस अवसर पर सरदार ठाकुर सिंह, गुरदेव सिंह, सुखदेव सिंह, भजन सिंह, दर्शन सिंह, राज सिंह, मेहनत सिंह, आर्षप्रीत सिंह, सोनू सिंह, जगदीप सिंह, कुलवंत सिंह, हरप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।