नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज लेने के लिए खिड़की पर रजिस्ट्रेशन करवाते हुए मरीज
सिरसा। जिले के निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर इलाज लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। इससे करीब 400 मरीज उपचार से वंचित रह गए। इसका सीधा असर नागरिक अस्पताल पर पड़ा, जहां आयुष्मान कार्डधारकों की संख्या दोगुनी हो गई। आमतौर पर नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 50 मरीज आयुष्मान योजना के तहत इलाज करवाते हैं, लेकिन शुक्रवार को संख्या 100 पार पहुंच गई।
इससे अस्पताल की ओपीडी में भारी भीड़ देखी गई और मरीजों को लंबी लाइनों का सामना करना पड़ा। खासकर कुत्ते के काटने, हड्डी रोग, ईएनटी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व अन्य समस्याओं वाले मरीज दिनभर इलाज के लिए कतारों में खड़े रहे।
40 करोड़ बकाया, 77 अस्पतालों ने बंद की सुविधा
जिले के लगभग 77 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल हैं, लेकिन योजना के तहत इन अस्पतालों को सरकार की ओर से 40 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। भुगतान न मिलने के कारण निजी अस्पतालों ने दो दिनों से आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद कर दिया है। इन अस्पतालों में प्रतिदिन औसतन 200 मरीज इलाज करवाते हैं, जिससे दो दिन में करीब 400 मरीजों को उपचार नहीं मिल पाया।
जिले में 77 निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार होता है। हर रोज करीब एक हजार गरीब लोग इन निजी अस्पतालों में उपचार के लिए आते हैं। पिछले चार-पांच माह से चिकित्सकों को आयुष्मान कार्ड पर किए उपचार का भुगतान नहीं मिल रहा है। आईएमए ने बुधवार को बैठक कर आयुष्मान सेवाएं स्थगित करने का फैसला लिया। जब तक सरकार बकाया भुगतान नहीं करेगी। निजी अस्पतालों में आयुष्मान सेवाएं स्थगित रहेंगी।
- डॉ. गौरव मेहता, प्रधान, आईएमए, सिरसा।