सिरसा। सरकार की ओर से गरीब परिवारों को निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज देने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी। योजना के तहत वर्ष 2011 में सर्वे अनुसार गरीब परिवारों और मध्य वर्गीय परिवारों की लिस्ट की गई थी। 2018 में लिस्ट अनुसार लोगों के कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन तीन वर्ष में केवल 30 फीसदी लोगों ने ही अभी तक गोल्डन कार्ड बने हैं, जबकि 13 हजार लोग योजना का लाभ उठा चुका है।
जिले में 402301 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं, इनमें से अभी तक 1,35,715 लोगों के ही कार्ड बन पाए हैं। जागरूकता के अभाव में अभी तक 266586 लोगों ने कार्ड के लिए आवेदन तक नहीं किया है। सिरसा जिले में 20 निजी अस्पतालों को आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज की अनुमति दी गई है। योजना के तहत कार्ड धारक निजी अस्पतालों में पांच लाख तक खर्च आने वाले ऑपरेशन का इलाज मुफ्त में करवा सकता है।
कोरोना पीड़ितों का निजी अस्पताल में हो रहा इलाज
कोरोना संक्रमित जिन मरीजों का योजना के तहत गोल्डन कार्ड बना हुआ है। उन मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। ऐसे में जिन लाभार्थियों ने कार्ड बनवाया है अस्पतालों की ओर से उन्हें निशुल्क इलाज दिया जा रहा है। कार्ड धारक मरीज पर होने वाले खर्च सरकार की ओर से अदा किया जा रहा है।
नजदीकी सरल केंद्र और अस्पतालों में बनाए जा रहे हैं कार्ड
लिस्ट में नाम आने के बाद लाभार्थियों के पास पीएम की तरफ से पत्र जारी किया गया था। पत्र को दिखाकर लाभार्थी नजदीकी सरल केंद्र और अस्पताल में पहुंचकर कार्ड बनाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए लाभार्थियों को अपना आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और पीएम पत्र साथ ले जाना होगा। कुछ दिनों पश्चात लाभार्थियों का कार्ड बनकर तैयार हो जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को निजी अस्पताल में इलाज मिल रहा है। जिले में काफी संख्या में लोगों द्वारा कार्ड बनवाए गए हैं। 13 हजार से ज्यादा लोग योजना के तहत इलाज का लाभ उठा चुके हैं। जिले के 20 निजी अस्पतालों को योजना में शामिल किया गया है। - डॉ. प्रमोद शर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना