सिरसा। विभिन्न मांगों को लेकर आशा वर्कर्स ने लघु सचिवालय के बाहर शुक्रवार को एक दिवसीय धरना दिया। धरनारत आशा वर्कर्स ने 29 फरवरी को पंचकूला में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का विरोध जताया। जिसको लेकर सदस्यों ने सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जताया। इसके अलावा सीआईटीयू व सर्व कर्मचारी संघ की ओर से भी समर्थन दिया गया।
यूनियन की प्रधान दर्शना देवी ने बताया कि आशा वर्कर्स अपनी मांगों व समस्याओं को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रही हैं। जिनमें से हरियाणा सरकार द्वारा कुछ मांगों का समाधान किया गया है, लेकिन अभी भी कुछ मांगें लंबित हैं जिनका समाधान किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इसी बात को लेकर 29 फरवरी को पंचकूला में विभाग निदेशक के यहां मांगों के समाधान के लिए जा रही थी, लेकिन पुलिस की ओर से दमनकारी कार्रवाई की गई जो कि निंदनीय है। इस अवसर पर मीनाक्षी, पार्वती, गीता, नीलम, सुरेंद्र पूजा रानी, शीला देवी, जसप्रीत, विमला व हमजिंद्र सिद्धू आदि उपस्थित रहे।
ये है मांगें
-समझौते के अनुसार हड़ताल के दौरान तय हुए 4000 रुपये दिए जाएं।
-आशा वर्कर को योग्यता के आधार पर पदोन्नति दी जाए। वहीं सरकारी नौकरी में परीक्षा के दौरान 5 नंबर की छूट दी जाए।
-आशा वर्कर्स को दूसरे जिले में डिलीवरी होने पर लाभ मिलना चाहिए।
-वर्कर्स डेथ क्लेम को बढ़ाया जाए व बैंक लोन और कुछ अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।
-आशा वर्कर्स की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष की जाए।
-आशाओं के ड्रेस के पैसे को बढ़ाया जाए, धुलाई भत्ता दिया जाए।
- बदलने की भावना से रेवाड़ी में 8 हटाई गई वर्कर्स को फिर से रखा जाए।