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Sirsa News: सरकार की धमकियों के विरोध में प्रदेशभर में आशा वर्कर्स ने किया प्रदर्शन

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शहीद भगत सिंह स्टेडियम में मौजूद आशा वर्कर।
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सिरसा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर सीटू से संबंधित विभिन्न संगठनों की ओर से मंगलवार को डीसी कार्यालय पर रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में आशा वर्कर्स, मिड डे मील वर्कर, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों, भट्ठा मजदूरों सहित अनेक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों के लिए तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र भी सौंपा गया। विरोध प्रदर्शन के चलते उपायुक्त कार्यालय के समक्ष सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। इससे पूर्व सभी कर्मचारी संगठन के सदस्य बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
करीब एक बजे सभी कर्मचारी संगठन नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। कर्मचारी संगठनों के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार परियोजना वर्करों एवं मजदूरों की मांगों पर गंभीर नहीं है। इससे प्रदेशभर में परियोजना वर्करों व मजदूरों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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मांग पत्र में यूनियनों ने मांग की है कि मजदूर विरोधी लेबर कोड को रद्द किया जाए। आशा वर्कर्स यूनियन की प्रधान दर्शना व सचिव पिंकी ने कहा कि हरियाणा सरकार कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली आशा वर्कर्स को धमकी भरे पत्र भेज रही है जो निंदनीय है। सरकार ऐसे बयान देकर और विभाग में काम करने वालों को धमका कर प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्रों को खुली छूट दे रही है।
भवन निर्माण कामगार यूनियन के सदस्यों ने कहा कि 90 दिनों की वर्क स्लीप की तसदीक किसी अधिकारी व कर्मचारी का नियुक्ति कर फिक्स जिम्मेदारी लगाई जाए। बेमानी आपत्ति लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर मजदूरों को लाभ दिया जाए। नए पंजीकरण के लिए ब्लॉक स्तर पर कैंप लगा कर मजदूरों का पंजीकरण करवाया जाए।
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