सिरसा। शहर में तीन बड़े स्थलों पर दशहरा मनाया गया। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के सामने मैदान में श्री विष्णु क्लब की ओर से दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व विधायक गोपाल कांडा बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। वहीं, सावन स्कूल के सामने रामा क्लब की ओर से आयोजित दशहरा कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला मुख्यातिथि रूप में पहुंचे।
दोनों नेताओं ने स्थलों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशालकाय पुतलों का दहन किया। कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और आतिशबाजी का आनंद उठाया। भीड़भाड़ के कारण शहर के भूमणशाह चौक, किसान चौक, बरनाला रोड, मिनी बाईपास और घोड़ा चौक पर यातायात जाम की स्थिति बनी रही।
वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। देर शाम तक पुलिस कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल कर यातायात को सुचारू करवाया और व्यवस्था बनाई। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने कहा कि हमें आज प्रण लेना चाहिए कि हम अपने अंदर की बुराइयों को खत्म करेंगे।
इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थलों पर भव्य स्तर पर दशहरा उत्सव आयोजित हुआ, जहां रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशालकाय पुतले धू-धू कर जले और आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। शहर में तीन प्रमुख स्थलों पर दशहरे के बड़े कार्यक्रम हुए। पुतलों की ऊंचाई 60 से 70 फीट तक रही, जो दूर से ही दर्शकों का ध्यान आकर्षित करते रहे।
सबसे खास रहा श्री विष्णु क्लब की ओर से बनाया गया रावण का पुतला। इसे अलग अंदाज में तैयार किया गया था। पुतले की 20 फीट लंबी मूंछें, जो जलेबी की तरह घुमावदार बनाई गईं, लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनीं। इतना ही नहीं, पुतले के मुंह से चीखें निकलने का दृश्य इतना रोचक रहा कि दर्शक जोर-जोर से तालियां बजाने लगे।
5:57 बजे धधक उठा रावण
शाम होते ही दशहरा मैदानों में भीड़ जुटनी शुरू हो गई। जैसे ही घड़ी ने 5 बजकर 57 मिनट का समय दिखाया, विधिवत पूजा-अर्चना के बाद आतिशबाजी के बीच रावण का पुतला जलाया गया। देखते ही देखते रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर राख हो गए। आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाने लगा और हजारों दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारों के साथ विजय दशमी का स्वागत किया।
दशहरे से पहले निकाली गई शोभायात्रा
दशहरे से पहले शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भगवान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। परंपरागत वेशभूषा में सज-धजकर कलाकारों ने रामलीला के दृश्य प्रस्तुत किए। महिलाएं मंगल गीत गाती नजर आईं और बच्चों ने छोटे-छोटे रावण व हनुमान के वेश नजर आए। इस दौरान सियाराम चैरिटेबल ट्रस्ट, रामा क्लब, विष्णु क्लब व अन्य संस्थाओं की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा दोपहर दो बजे शुरू हुई। सभी संस्थाओं की यात्रा रामलीला मैदान से शुरू हुई और दशहरा ग्राउंड में जाकर खत्म हुई। इस दौरान शहर हर चौक-चौराहे, गली मोहल्ले से यात्रा को निकाला गया। भगवान श्रीराम ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
-
मिनी बाईपास पर दो बड़े आयोजन
इस बार शहर के मिनी बाईपास पर दो अलग-अलग स्थलों पर दशहरे का आयोजन हुआ। यहां दूर-दराज से लोग पुतले दहन देखने पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने और ट्रैफिक की समस्या से बचाने के लिए प्रशासन ने विशेष रूट डायवर्जन किया। कई मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए गए और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि लोग सुरक्षित और आसानी से कार्यक्रम का आनंद उठा सकें।
कड़ी सुरक्षा और पुख्ता इंतजाम
जिला प्रशासन और पुलिस ने उत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए व्यापक इंतजाम किए। 100 से ज्यादा पुलिस कर्मचारी दशहरा मैदानों में तैनात रहे। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों को लगाया गया। वहीं, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए डायल-112 की टीमें, दमकल विभाग की गाड़ियां और स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस भी हर स्थल पर मौजूद रहीं। आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन कर्मी हर पल सतर्क रहे।
श्री विष्णु क्लब के दशहरा उत्सव में पहुंचे पूर्व विधायक
शहर के श्री विष्णु क्लब की ओर से आयोजित दशहरा उत्सव में पूर्व विधायक गोपाल कांडा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करने से पूर्व कांडा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने वाला उत्सव है। यह हमें यह सिखाता है कि चाहे बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, अंत में अच्छाई की ही जीत होती है।
रावण का पुतला जलते हुए