फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: रावण के दरबार में अंगद ने जमाया पैर

विज्ञापन
रानियां। गांव बणीमें आंगनबाड़ी का उद्घाटन करते हुए  एसडीओ कृष्ण। संवाद
विज्ञापन
ओढां। श्रीदुर्गा नाटक क्लब की ओर से चल रही रामलीला में बुधवार की रात लक्ष्मण मूर्छा की भूमिका से दर्शक भाव विभोर हो गए। सर्वप्रथम राम दरबार आरती के बाद रावण को सुधरने का आखिरी मौका देने के लिए श्रीराम चंद्र ने अंगद को लंका भेजा। अंगद ने रावण के दरबार में पैर जमाकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

जब कुंभकर्ण, मेघनाथ, निकुम्भ जैसे योद्धा अंगद का पैर नहीं हिला सके तो अंततः रावण अंगद का पैर उठाने के लिए नीचे झुका तभी अंगद अपना पैर पीछे करके कहते हैं कि मेरे पांव पड़ने से अपराध माफ नहीं होगा। आप रामचंद्र के पांव पड़कर ही अपने अपराध के लिए माफी पा सकते हैं। इतना कहते ही अंगद लंका से वापिस राम चंद्र जी के खेमे में आ जाते हैं।
अंगद रावण के दरबार से लौटकर रामचंद्र, विभीषण, सुग्रीव और हनुमान को सारा वृत्तान्त बताते हैं कि रावण को बहुत समझाने के बाद भी वह टस से मस नहीं हो रहा है। इसलिए हमें युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। पहले दिन के युद्ध में मेघनाथ और लक्ष्मण का युद्ध होता है, जिसमें मेघनाद के शक्तिबाण से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। लक्ष्मण की हालत देखकर रामचंद्र के खेमे में शोक की लहर दौड़ जाती है। ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें